भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी को लेकर मंथन का दौर जारी है। जिसको लेकर कई बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की चर्चा हो चुकी है। प्रदेश पदाधिकारियों के नामों पर चर्चा करने के बाद लिस्ट तैयार कर ली है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।
खंडेलवाल की कार्यकारिणी का इंतजार हुआ लंबा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाले करीब 90 दिन से ऊपर हो चुके हैं। लेकिन फिर भी अभी तक उनकी टीम तैयार नहीं हो पाई है। वे 2 जुलाई को इस पद पर नियुक्त किए गए थे। हाल में वो वीडी शर्मा की बनाई टीम के साथ काम करने के मजबूर हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि नवरात्रि के शुभ मुहूर्त में उनकी कार्यकारिणी की घोषणा हो जाएगी। वहीं अब माना जा रहा है कि दिवाली तक कभी भी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित हो सकती है।
वीडी शर्मा की टीम के बदले जाएंगे चेहरे
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा 5 साल से ज्यादा वक्त तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। कोरोना काल के कारण उनके कार्यकाल में बढ़ोतरी की गई थी। संगठन के कवायदों के बीच लगातार उनका कार्यकाल बढ़ता रहा, तो वहीं अब उनकी कार्यकारिणी में शामिल कई लोगों को खंडेलवाल की टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। जिसके पीछे कई कारण हैं।
पूर्व पदाधिकारियों को मिली अन्य जिम्मेदारियां
बीजेपी के वीडी शर्मा की टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष नागर सिंह चौहान वर्तमान में सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे ही प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा भोपाल से सांसद, संध्या राय भिंड से सांसद, सुमित्रा वाल्मिक, कविता पाटीदार राज्यसभा सांसद, चिंतामणि मालवीय आलोट से विधायक, ललिता यादव छतरपुर से विधायक, प्रदेश मंत्री लता वानखेड़े सागर से सांसद, आशीष दुबे जबलपुर से सांसद, मनीषा सिंह जयसिंहनगर से विधायक बन चुके हैं। प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा से विधायक, हरिशंकर खटीक जतारा से विधायक और कोषाध्यक्ष अनिल सिंह कालूहेड़ा उज्जैन उत्तर से विधायक बन चुके हैं। जिन्हें अब पूर्व के पदों से मुक्त कर दिया जाएगा।
पूर्व संगठन मंत्रियों की हो सकती है आमद
वीडी शर्मा के पिछले कार्यकाल के समय मध्यप्रदेश से संभागीय स्तर पर संगठन मंत्रियों का पद खत्म कर दिया गया था। उनको सितंबर 2021 में बीजेपी ने संभागीय संगठन मंत्रियों को हटा दिया था। जिनमें शैलेंद्र बरुआ (जबलपुर और होशंगाबाद), आशुतोष तिवारी (भोपाल और ग्वालियर), जितेंद्र लिटोरिया (उज्जैन), श्याम महाजन (रीवा और शहडोल), जयपाल चावड़ा (इंदौर) और केशव सिंह भदौरिया (सागर और चंबल) शामिल थे। इनमें से केशव भदौरिया को छोड़कर 5 नेताओं को राज्य सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडलों और प्राधिकरण में एडजस्ट किया था। अब इनके अनुभव को ध्यान में रखकर आगामी कार्यकारिणी में इनके शामिल होने की अटकले तेज हैं, और ये पार्टी आलाकमान के भी संपर्क में बताए जा रहे हैं।
इस साल संघ का शताब्दी वर्ष
हाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, ऐसे में आगामी वक्त में संघ पृष्ठभूमि वाले नेताओं को बीजेपी में तरजीह मिलने की पूरी संभावना है। खासकर पार्टी संगठन में इसकी झलक साफ देखी जा सकती है। जिसकी तस्वीर पूर्व में भी दिखाई दी। इसी का नतीजा पूर्व संगठन मंत्रियों को नई जिम्मेदारी के रुप में दिखाई दे सकता है।
