सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट के पास की गई गंगा आरती में आस्था और श्रद्धा का समागम दिखाई दिया। आकर्षक सजावट के बीच गंगा आरती सम्पन्न हुई। जहां इस साल सूर्य षष्ठी 2025 यथा छठ पूजा 2025 का चार दिवसीय अनुष्ठान लाखा बंजारा झील किनारे 24 से 28 अक्टूबर तक उत्साह के साथ किया जा रहा है। वहीं छठ व्रतियों सहित श्रद्धालुओं ने चकराघाट के पास गंगा आरती में बड़ी संख्या में परिवार सहित शामिल होकर धर्मलाभ लिया। झील के घाटों पर पुण्य स्नान के लिए छठ व्रतियों की भारी भीड़ उमड़ी।
मीलों दूर से आए भक्त और उपासक
दूर-दूर से आये श्रद्धालु, भक्त और उपासक छठ पूजा अनुष्ठान के साथ श्रद्धाभाव से गंगा आरती में भी शामिल हुए। छठ व्रतियों द्वारा कार्तिक शुक्ल पक्ष में यह अनुष्ठान महापर्व मनाया जाता है। स्मार्ट सिटी द्वारा पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण के बाद से कार्तिक छठ पूजा के अनुष्ठानों में लाखा बंजारा झील किनारे बने चकराघाट से लेकर गणेशघाट तक लगभग 400 मीटर विशाल घाट का छठ घाटों के रूप में उपयोग किया जाता है। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण करने के बाद सभी श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल हुए। मंगलवार को प्रात: बेला में उदीयमान आदित्य देव को अर्घ्य अर्पित कर इस छठ पर्व 2025 का पारण/समापन हो गया।
सागर में दिखा गंगा किनारे का नजारा
शहर की पहचान ऐतिहासिक धरोहर लाखा बंजारा झील को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने व स्वच्छता के प्रति जन-जागरुकता लाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी सह कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट पर आयोजित की जा रही गंगा आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विभिन्न वार्डों के नागरिक महिलाएं, बच्चे, युवा, बुजुर्ग श्रद्धा, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ भक्ति में बह गए। स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम द्वारा चकराघाट पर किए गये सौन्दर्यीकरण के कार्यों के कारण यह ऐतिहासिक स्थल नागरिकों के आकर्षण व श्रद्धा का केंद्र बन चुका है, गंगा आरती ने बड़ी संख्या में श्रद्धालु नागरिकों को झील से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


