दमोह/वैभव नायक/खबर डिजिटल/ चर्चित मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट और उसके इलाज से हुई 7 मौतों के मामले में आरोपी डॉक्टर एन जॉन केम उर्फ नरेंद्र यादव फिर चर्चाओं में है। इस बार डॉक्टर ने जेल से न्यायालय को पत्र लिखा था कि वो अपने मामले में अपनी पैरवी खुद करना चाहता है। इसी पत्र की पुष्टि के लिए न्यायालय ने डॉक्टर को दमोह जिला न्यायालय में उपस्थित कराया। न्यायालय ने उक्त पत्र की पुष्टि के बाद उसकी मांग को स्वीकार भी कर लिया है, हालांकि सलाहकार के रूप में एक अधिवक्ता भी नियुक्त किया गया है।
खुद की थी न्यायालय से मांग
फर्जी डिग्री और 7 मौतों के मामले में आरोपी डॉक्टर एन जॉन केम ने मामले की पैरवी खुद किए जाने की मांग की। जेल से न्यायालय को आरोपी डॉक्टर ने लिखा पत्र था। वहीं अब आरोपी डॉक्टर को अपनी बात रखने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
क्या है मामला
डॉक्टर एन जॉन केम उर्फ नरेंद्र यादव पर ब्रिटिश डॉक्टर बनकर सर्जरी करने का आरोप है, जिसके कारण कथित तौर पर सात मरीजों की मौत हो गई थी, जोकि मध्यप्रदेश के एक मिशनरी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में काम करता था। पुलिस ने उस पर धोखाधड़ी, ठगी और जालसाजी का आरोप लगाया है और आरोप लगाया है कि 53 वर्षीय व्यक्ति, जो लगभग दो दशकों से डॉक्टर के रूप में काम कर रहा है, ने अपनी मेडिकल डिग्री में जालसाजी की है। हालांकि हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉन कैम का नाम अपने नाम के साथ जोड़ा था। यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।


