इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ एक जमाना था, जब इंदौर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र की बात करते हुए एक ही नाम का जिक्र किया जाता था, वो था पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वो कई पदों पर रहे, लेकिन अब विडंबना कुछ ऐसी है कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन शिक्षा-संस्कारों को दिया, उसी पूर्व वीसी नरेंद्र धाकड़ के घर में कु-संस्कार पनप गए। उनके बेटे ही मानसिक बीमार करने के लिए पिता को दवाएं खिला रहे हैं वो भी महज संपत्ति के लालच में।
DAVV के कुलपति रहे हैं धाकड़
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति रहे शिक्षाविद् प्रो. नरेंद्र धाकड़ वृद्ध पत्नी अंजना धाकड़ और बेटी के साथ कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे थे, जो भी उन्हें जानते थे वो हैरत में पड़ गए। क्योंकि जिस व्यक्ति ने हजारों स्टूडेंट्स का निर्माण किया, उसी को आज अपने बच्चे से बचाने के लिए कलेक्टर से गुहार लगाना पड़ रही है। उन्होंने बेटे-बहू की प्रताड़ना से तंग होकर न्याय की गुहार लगाई है।
मानसिक रुप से प्रताड़ित करने का आरोप
77 साल के प्रो. धाकड़ ने कलेक्टर शिवम वर्मा को दी शिकायत में कहा, उनका बेटा अमित धाकड़ और बहू दीप्ति संपत्ति के लिए उन्हें और पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। बेटे ने कई बार मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। उन्हें कमरे में बंद तक कर दिया था। ये सब बोलते हुए धाकड़ दंपती के आंसू बह निकले आए। जिस कलेक्टर ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
बेटे को धाकड़ ने बताया नाकारा
इंदौर कलेक्टर वर्मा को अपना दर्द सुनाते हुए धाकड़ दंपति की आंखे भर आई। भरे गले से पूर्व कुलपति धाकड़ ने बताया कि बेटे अमित को सांवेर रोड स्थित ट्रांसफार्मर फैक्ट्री दी थी। लेकिन उसने फैक्ट्री को बर्बाद कर दिया, जोकि नाममात्र के लिए चालू है। जिसके चलते उन्हें लाखों को नुकसान हुआ है।
जमीन हड़पने का भी आरोप
धाकड़ ने अपने बेटे पर ग्राम खत्रीखेड़ी स्थित जमीन का दान पत्र धोखे से अपने नाम कराने का भी आरोप लगाया, जोकि फैक्ट्रूी के कामकाज के संबंध में साइन कराते हुए करा लिया था। प्रो. धाकड़ ने बताया कि बेटे ने बहस के दौरान यह बात कबूली, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। वहीं अब दवा खिलाकर वो उनकी संपत्ति को हड़पने के मूड में है।


