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Friday, April 17, 2026
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खंडवा में मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म, कहा – अब महादेव का चौकीदार बनकर करूंगा सेवा

महादेव की शरण में 'आमिर बना अंगद'

खंडवा/हरेंद्रनाथ ठाकुर/खबर डिजिटल/ देशभर में इन दिनों सोशल मीडिया पर “आई लव मोहम्मद” और “आई लव महादेव” के बीच चल रही पोस्टरबाजी के बीच मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है। यहां कोटवाडा निवासी आमिर खान नामक युवक, जो पेशे से चौकीदार है, ने महादेव का चौकीदार बनना पसंद किया है। आमिर ने खुले तौर पर ऐलान किया कि अब वह अपना शेष जीवन भगवान भोलेनाथ की चौकीदारी में समर्पित करेगा।

शिवभक्ति में लीन आमिर बना अंगद
आमिर खान ने बताया कि वह लंबे समय से भगवान शिव की भक्ति से प्रभावित था। उसे महसूस हुआ कि शिव की सरलता, क्षमाशीलता और करुणा उसके जीवन का मार्ग बदल सकती है। इसी भावना से प्रेरित होकर उसने सनातन धर्म में वापस लौटने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद आमिर खान ने खंडवा के प्रसिद्ध महादेव मंदिर समिति के संचालक अशोक पालीवाल से संपर्क साधा। उन्होंने अपनी इच्छा प्रकट करते हुए कहा कि वह इस्लाम धर्म का त्याग कर सनातन परंपरा में लौटना चाहता है, और आगे का जीवन भोलेनाथ की सेवा में बिताना चाहता है।

अशोक पालीवाल की महत्वपूर्ण भूमिका
अशोक पालीवाल ने आमिर की भावना का सम्मान करते हुए तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं। उन्होंने कहा कि किसी की आस्था और जीवन दर्शन का निर्णय व्यक्तिगत होता है और जब कोई व्यक्ति आत्मबोध के साथ धर्म परिवर्तन करता है तो यह सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बन जाता है। धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया परंपरागत वैदिक विधि से संपन्न कराई गई। इस दौरान पंडित हर्ष शर्मा द्वारा दस संस्कार विधि के अनुसार आमिर का गंगाजल स्नान और मुंडन संस्कार करवाया गया। इसके बाद वेद-मंत्रों के उच्चारण के बीच हवन पूजन और अग्नि प्रज्ज्वलन की प्रक्रिया पूरी की गई। पूजा-अर्चना के पश्चात आमिर खान का नामकरण संस्कार किया गया और उसका नया नाम “अंगद” रखा गया।

महादेव के सामने की आरती, पूजा-पाठ
वापसी संस्कार के बाद अंगद ने स्वयं महादेव के समक्ष उपस्थित होकर आरती में भाग लिया और यह संकल्प लिया कि वह अब जीवन भर भगवान भोलेनाथ की सेवा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित रहेगा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और मंदिर समिति के सदस्यों ने अंगद का स्वागत किया। उन्होंने उसके इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता है। अंगद ने मीडिया से बातचीत में कहा — “मैंने पूरी श्रद्धा और आस्था से यह निर्णय लिया है। अब मैं महादेव का चौकीदार बनकर रहूंगा। भोलेनाथ की सेवा ही मेरा जीवन उद्देश्य होगा।”

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