सिवनी/विशाल भारद्वाज/खबर डिजिटल/ सिवनी जिले की बरघाट तहसील के ग्राम गौड़ेगांव में आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ग्रामीणों ने अचानक खेतों के बीच एक विशाल बाघ को घूमते हुए देखा। धान की कटाई में जुटे किसान जैसे ही वनराज का दर्शन हुआ, वे अपना काम छोड़कर घरों की ओर भाग खड़े हुए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और हजारों ग्रामीण बाघ को देखने और भगाने के लिए खेतों की ओर उमड़ पड़े। लेकिन ग्रामीणों का शोर और आवाज़ें बढ़ते ही बाघ पास की नर्सरी की ओर भाग गया, जहां वह देर शाम तक दहाड़ता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों और वन विभाग की टीमों ने बाघ को सुरक्षित पकड़ने के प्रयास किए, परंतु भीड़ के शोर और दहशत के चलते बाघ नर्सरी से बाहर नहीं आया।
नर्सरी में घंटों रुका रहा बाघ, गूंजती रही दहाड़ें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नर्सरी में छिपे बाघ ने कई बार बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और हल्ले के कारण वह अंदर ही घुसा रहा। शाम तक वन विभाग और स्थानीय लोग नर्सरी के पास डटे रहे। ग्रामीणों के चेहरे पर डर साफ देखा जा सकता था।
आसपास के गांवों में भी दहशत
केवल गौड़ेगांव ही नहीं, बल्कि शैला, मोहगांव और घुरवाड़ा जैसे आसपास के गांवों में भी डर का माहौल बन गया। खेतों में तुअर व अन्य फसलें लगी होने के कारण बाघ खेतों में आसानी से छिप सकता है, जिसकी वजह से किसान अब खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।
धान कटाई का वक्त, डर रहे लोग
“धान कटाई का समय है, हर कोई खेतों में है, लेकिन अब लोग जाने से डर रहे हैं,” एक किसान ने बताया कि जैसे ही बाघ की दहाड़ सुनाई देती, लोग भागते दिखाई देते। कई लोग हाथों में डंडे लेकर बाघ को भगाने की कोशिश करते दिखे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह भीड़ का जमा होना खतरे को और बढ़ाता है और वन्यजीव को उकसाता है। वन विभाग द्वारा लगातार लोगों को समझाया गया कि वे बाघ से दूरी बनाकर रखें और अनावश्यक रूप से नजदीक न जाएं।
वन विभाग ने अपील की
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे शांत रहें, भीड़ न बनाएं और बाघ को पकड़ने की प्रक्रिया में सहयोग करें। टीमों द्वारा शेर की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गांव में आज का दिन डर के साथ-साथ रोमांच से भी भरा रहा। कई लोगों ने बाघ को करीब से देखा, जबकि कई ने उसकी दहाड़ सुनकर दूर ही से रास्ता बदल लिया।
सावधानी ही सुरक्षा
खेतों में अकेले न जाएं।
झाड़ियों व ऊंची फसल के पास सतर्क रहें।
वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
भीड़ न लगाएं और वीडियो बनाने से बचें।


