घंसौर(सिवनी)/मनोज नामदेव/खबर डिजिटल/ घंसौर क्षेत्र में कानून व्यवस्था और परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन दिनों झाबुआ पावर प्लांट (एनटीपीसी) से फ्लाई ऐश का परिवहन बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है। तेज रफ्तार से दौड़ते ये भारी वाहन न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुके हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने रखी बात
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इन कैंपरों पर न तो आगे की नंबर प्लेट है और न ही पीछे की। कई वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर मिटा दिए गए हैं ताकि पहचान न हो सके। यह सब कुछ खुलेआम सड़कों पर चल रहा है और परिवहन विभाग के अधिकारी मानो आंख मूंदकर बैठे हैं।
स्थानीय लोगों ने दी जानकारी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लाई ऐश ठेकेदारों और वाहन मालिकों ने परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों की जेबें “गर्म” कर रखी हैं, जिसके चलते इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। दिन-रात दौड़ते ये वाहन सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और प्रशासन मौन है।
दर्जनों ट्रक और डंपर का आवागमन
झाबुआ पावर प्लांट (एनटीपीसी) से जबलपुर की दिशा में प्रतिदिन सैकड़ों टन फ्लाई ऐश भेजी जा रही है। इस कार्य में दर्जनों ट्रक और डंपर शामिल हैं, जिनमें से कई बिना रजिस्ट्रेशन या बिना नंबरों से दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, ओवरलोडिंग भी आम बात बन चुकी है, जिससे सड़कों की हालत बदतर होती जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा
स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों का कहना है कि ऐसे वाहन न केवल दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं बल्कि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर भी खतरा हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जनता का यह भी कहना है कि यदि यह स्थिति यूं ही बनी रही तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर परिवहन विभाग इन वाहनों पर कब कार्रवाई करेगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?


