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Saturday, April 18, 2026
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Homeमध्यप्रदेशSyrup scandal: सिरप कांड में मेडिकल स्टोर संचालक और फार्मामिस्ट की गिरफ्तारी

Syrup scandal: सिरप कांड में मेडिकल स्टोर संचालक और फार्मामिस्ट की गिरफ्तारी

अब तक नौ आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

छिंदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के मामले में पुलिस ने मेडिकल संचालक और फार्मासिस्ट को गिरफ्तार किया है। दरअसल आशीर्वाद मेडिकल स्टोर में बिना डॉक्टर की पर्ची के जहरीली कोल्ड्रिफ दवाई 4 साल की बच्ची को दी गई थी। इसके पीने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। फिर परिजन बच्ची को उपचार के लिए नागपुर अस्पताल लेकर गए, जहां बच्ची का एक महीने उपचार चलता रहा, जिसके बाद बच्ची की मौत हो गई थी। जिसमें मामले का खुलासा हुआ था कि कोल्ड्रिफ सिरप बिना डॉक्टर के पर्ची के बेचा गया था। पुलिस ने इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक और फार्मासिस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया था, और आरोपी अनिल मिश्रा, अशोक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। जहां दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अब तक हो चुकी है नौ लोगों की गिरफ्तारी
छिंदवाड़ा में हुए सिरप कांड के मामले में अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 7 लोग सलाखों के पीछे हैं, वही दो और लोगों को बुधवार कोर्ट में पेश किया जाएगा। आपको बता दे कि सिरफ कांड मामले में लगातार आरोपियों की संख्या बढ़ती जा रही है, एसआईटी की टीम लगातार मामले की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी हुई है।

बिना डॉक्टर की पर्ची के दी गई थी कोल्ड्रिफ दवाई
दरअसल जहरीली कफ सिरप पीने से 4 वर्षीय अंबिका विश्वकर्मा की मौत हो गई थी, पुलिस इस मामले में जांच कर रही थी। जांच में सामने आया कि बिना डॉक्टर के पर्ची के मेडिकल स्टोर से दवाइयां ली थी, और बच्चे को पिलाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने नागपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचे थे, जहां बच्ची का उपचार चलता रहा, लेकिन बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो वहीं एक माह के बाद बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। जिसके बाद परिजनों ने ककई गांव में बच्ची का अंतिम संस्कार किया था और पुलिस मामले की जांच में लगी हुई थी, इसके बाद अब कुंडीपुरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सिरप कांड में 22 बच्चों ने जान गंवा दी
दरअसल आपको बता दे की छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ दवाई पीने से 22 बच्चों ने जान गंवा दी है, अभी भी एक बच्चे का उपचार नागपुर के अस्पताल में चल रहा है, बताया जा रहा है कि जो एक बच्चे का नागपुर के अस्पताल में उपचार चल रहा है, उसकी हालत में सुधार हैं। खबर डिजिटल भी यही प्रार्थना करता है कि बच्चा स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए, जिससे कि परिवार में एक बार फिर खुशी का माहौल बना रहे।

दो डॉक्टरों पर क्यों मेहरबान है एसआईटी?
छिंदवाड़ा जिले के परासिया में दो डॉक्टरों ने कोल्ड्रिफ दवाई बच्चों को लिखी थी, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, और ना ही इस मामले में एसआईटी की टीम के पास कोई जवाब है, जिससे अब लोगों के मन में कई तरह के सवाल बने हुए हैं, आखिर इन डॉक्टरों पर क्यों मेहरबानी की जा रही है, जबकि इस मामले में पीड़ित परिवार के परिजन भी कार्रवाई को लेकर कई बार अपील कर चुके हैं कि दोषी को नहीं छोड़ जाना चाहिए, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई तरह के सवाल खड़े करता हैं। सवाल यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक के द्वारा बिना डॉक्टर के पर्ची दवाई दे दी गई तो उन पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन जिन डॉक्टरों ने दवाई लिखी है, क्या उन पर कार्रवाई नहीं होना चाहिए, लेकिन इस मामले में अब तक दो डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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