डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ शहपुरा थाना क्षेत्र में घटित अंधे हत्याकांड को पुलिस ने तेज कार्रवाई और सघन जांच के बाद उजागर कर दिया है। गुतली गांव के पास खेत में मिले अधेड़ पुरुष का शव एक साधारण हत्या नहीं बल्कि परिवार के भीतर उपजे अविश्वास और संदेह से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला निकला।
खेत में मिला था शव
ग्रामीणों ने 04 नवम्बर 2025 को शहपुरा–मेहदवानी मार्ग किनारे स्थित एक खेत में शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची शहपुरा पुलिस ने जांच शुरू की। मृतक की पहचान विष्णु सिंह पिता जोन सिंह (56) निवासी गुतली रैयत के रूप में हुई। सिर और चेहरे पर ठोस वस्तु से प्रहार के गहरे निशान साफ संकेत दे रहे थे कि यह हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। पुलिस ने अपराध क्रमांक 581/25 दर्ज कर छानबीन तेज कर दी।
एसपी के निर्देश पर बनाई थी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डिंडौरी वाहनी सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी शहपुरा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और पारंपरिक दोनों दिशाओं में जांच आगे बढ़ाई। मृतक के परिजनों और उसके परिचितों से पूछताछ के बाद संदेह मृतक के दामाद भूपत सिंह मार्को पर केंद्रित होने लगा।
संदेह के चलते की हत्या
संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए भूपत सिंह से पुलिस ने मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, जिसमें उसने चौंकाने वाला सच स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी और ससुर विष्णु सिंह के बीच अनुचित संबंधों का संदेह था। यही संदेह उसके भीतर घृणा और प्रतिशोध की भावना पैदा कर गया।
लकड़ी से किया जोरदार प्रहार
भूपत ने पुलिस को बताया कि 3 नवम्बर की रात वह विष्णु सिंह के खेत की झोपड़ी में पहुंचा, जहां विष्णु सो रहे थे। उसने मौके का फायदा उठाकर लकड़ी के चिल्पा से जोरदार प्रहार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद वह उसी रात फरार हो गया।
इनकी रही महती भूमिका
इस हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी अनुराग जामदार, सउनि नंदकिशोर झरिया, एएसआई विपिन जोशी, प्रधान आरक्षक महिपाल पंद्रे, आरक्षक राघवेंद्र मरावी, प्रवीण अवस्थी और अभिषेक पांडे की अहम भूमिका रही। पुलिस की सटीक रणनीति और टीमवर्क ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश कर दिया।
