बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ बैतूल-भोपाल हाईवे की जर्जर हालत अब जिले से निकलकर केंद्र सरकार तक गंभीर मुद्दे के रूप में पहुंच चुकी है। गौरतलब है कि विगत 25 अक्टूबर को परिवहन मंत्री नितिन गडकरी परिवार सहित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंचे और बरेठा घाट से गुजरते समय सड़क की बेहद खराब स्थिति से दो-चार हुए। इसी दौरान बारिश में डामरीकरण किया जा रहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और विभिन्न संगठनों ने इसका विरोध किया।
अधिवक्ता महेश उइके ने भेजा था ज्ञापन
अधिवक्ता महेश उइके द्वारा ज्ञापन सड़क परिवहन मंत्री, भारत सरकार नई दिल्ली को भेजा गया था। इस ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि बैतूल से भोपाल जाते समय बरेठा घाट पर सड़क की हालत इतनी खराब थी कि केंद्रीय मंत्री स्वयं असहज हो गए थे और सड़क का गड्ढों में बदल जाना जनता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
कलेक्टर कार्यालय से कार्रवाई जारी
अब यह शिकायत कलेक्टर कार्यालय बैतूल तक पहुंच गई है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार इस ज्ञापन को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को भेजा गया है। साथ ही तहसीलदार, बैतूल को भी इस विषय में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि अधिवक्ता महेश उइके की शिकायत का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


