जोबट(आलीराजपुर)/संजय वाणी/खबर डिजिटल/ आदिवासी किशोरी से दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के गंभीर मामले में जहां एक ओर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं दूसरी ओर तीनों आरोपियों के घरों पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई की मांग पूरी नहीं होने से हिंदू संगठनों का गुस्सा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि अब नगर बंद, आक्रोश रैली और ज्ञापन के बाद भी आरोपितों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर न चलने से समाज में कड़ी नाराजगी है।
आखिर प्रशासन कारवाई क्यों नहीं कर रहा है – राजेश डुडवे
जनजाति विकास मंच और सर्व हिंदू समाज का कहना है कि प्रशासन आखिर बुलडोजर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। शनिवार शाम को पत्रकार वार्ता के जरिए जनजाति विकास मंच के जिलाध्यक्ष राजेश डुडवे ने कहा कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नही हुई, आखिर प्रशासन कारवाई क्यों नहीं कर रहा है। जिलाध्यक्ष डुडवे ने संतोषजनक जवाब न मिलने पर आक्रोश व्यक्त किया है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता माया बामनिया ने कहा कि जिले में बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, ऐसे अपराधों पर तुरंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा जिला मंत्री ने दी चेतावनी
भाजपा जिला मंत्री अनुसुइया सोमानी ने कहा है कि या तो प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करे, नहीं तो दो दिन बाद महिला शक्ति सड़कों पर उतरने के लिए तैयार होगी, जिसके बाद प्रशासन कुछ नहीं कर पाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष पातालसिंह बघेल ने सवाल उठाया कि अन्य जिलों में 24 घंटे के भीतर बुलडोजर कार्रवाई होती है, लेकिन जोबट में इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन मौन क्यों है। इस दौरान कई समाजजन उपस्थित थे। हालांकि पुलिस ने इस पूरे मामले में अच्छी कारवाई की, पुलिस पहले ही अहमद शेख, अमजद खत्री और इमरान पुत्र याकूब को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज चुकी है। तीनों पर एससी एसटी एक्ट, पॉक्सो और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
नगर परिषद ने एक आरोपियों को दिया पट्टा निरस्तीकरण नोटिस
इधर नगर परिषद जोबट के सीएमओ संतोष राठौड़ ने बताया कि आरोपित अहमद को पट्टा निरस्तीकरण का नोटिस 3 दिसंबर को जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया है कि उसने आवंटित आवासीय भूमि का व्यावसायिक उपयोग किया है, जो नियम विरुद्ध है। नोटिस का जवाब देने के लिए दी गई तीन दिन की अवधि भी समाप्त हो चुकी है।
