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भारत-ऑस्ट्रेलिया राउंडटेबल बैठक ने फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स के मजबूत रास्ते तैयार किए

नई दिल्ली : नई दिल्ली के कौशल भवन में ऑस्ट्रेलिया-इंडिया एजुकेशन एंड स्किल्स काउंसिल (AISEC) की तीसरी बैठक के तहत, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने स्किलिंग पार्टनरशिप पर एक उच्च-स्तरीय राउंडटेबल बैठक का आयोजन किया।

यह बैठक दोनों देशों की वर्कफोर्स को भविष्य के टेक्नोलॉजी बदलावों के लिए तैयार करने, जॉइंट सर्टिफिकेशन और ग्लोबल स्किल्स रिकग्निशन में ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी।


फोकस क्षेत्र और चुनौतियाँ

चर्चा में स्किल इकोसिस्टम को टेक्नोलॉजी में तेज़ी से हो रहे बदलाव के साथ तालमेल बिठाने पर जोर दिया गया।

  • साझा चुनौतियाँ: दोनों देशों को निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अपनी वर्कफोर्स को तैयार करने में एक जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
    • ग्रीन सेक्टर
    • क्लीन एनर्जी
    • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग
    • एग्री-टेक
    • डिजिटल कार्य
  • समाधान पर जोर: इंडस्ट्री से जुड़े ट्रेनिंग मॉडल, सीखने के आसान तरीकों और प्रशिक्षक की क्षमता सुदृढ़ करने के महत्व पर बल दिया गया।

नेतृत्व और रोडमैप पर बयान

श्री जयन्त चौधरी, माननीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ने ठोस परिणामों पर जोर दिया:

“पार्टनरशिप को अब जॉइंट सर्टिफिकेशन, ग्लोबल स्किल्स रिकग्निशन और भरोसेमंद असेसमेंट सिस्टम में ठोस और मापनीय परिणाम सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध रोडमैप तैयार करने की दिशा में बदला जाना चाहिए।”

सुश्री देवश्री मुखर्जी, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव, ने संस्थागत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें एएसक्यूए (ASQA) और एनसीवीईटी (NCVET) जैसे विनियामक संस्थानों के बीच तालमेल महत्वपूर्ण है।

माननीय एंड्रयू जाइल्स एमपी, ऑस्ट्रेलिया के स्किल्स एंड ट्रेनिंग मिनिस्टर, ने आईटीआई, एनएसटीआई और टीएएफई संस्थानों के बीच संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने में प्रगति पर प्रकाश डाला।

मुख्य एजेंडा और निष्कर्ष

  • परिणाम आधारित सहयोग: दोनों पक्षों ने जॉइंट ट्रेनिंग पहल, ट्रेनर और असेसर एक्सचेंज तथा प्राथमिकता वाले जॉब रोल्स में कुशल उम्मीदवारों के प्लेसमेंट हेतु पायलट प्रोग्राम को प्रोत्साहित करने के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया।
  • संस्थागत तालमेल: NCVET और ASQA जैसे नियामक निकायों, तथा भारत के सेक्टर स्किल काउंसिल्स और जॉब्स और स्किल्स ऑस्ट्रेलिया के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।
  • दीर्घकालिक जुड़ाव: दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए वार्षिक इंडिया-ऑस्ट्रेलिया स्किल्स बैठक शुरू करने का समर्थन किया गया।
  • भारत के सुधार: भारत ने नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) में सुधार और उभरते सेक्टर्स में सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस के विकास पर हो रहे कार्यों की जानकारी दी।

दोनों देशों ने स्किलिंग को आकांक्षी बनाने और एंगेजमेंट के लिए रेगुलर चैनल बनाने के साझा संकल्प पर सहमति व्यक्त की।

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