बुरहानपुर/रिजवान खान/खबर डिजिटल/ ज्ञात हो कि सतत अपने अद्भुत एवं अलहदा आंदोलनो से सरकार को सोचने पर मजबूर करने वाले किसान प्रदेश की जनता के मन में भी अपनी जगह बना चुके हैं, पूरे मध्य प्रदेश में पांगरी बांध परियोजना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू है, ऐसे में ही 11 दिसंबर 2025 दोपहर 12:00 बजे उतावली नदी के समक्ष किसानों ने पुनः आंदोलन का शंखनाद किया। इस बार का आंदोलन सबसे विचित्र था यह आंदोलन सोचनें पर विवश करने वाला है, किसानों ने स्वयं अपने मुंह पर कालिख पोती और मुर्गा बनकर सरकार पर अन्याय और दुर्भावना पूर्ण कार्य करने का आरोप लगाया।
डॉक्टर रवि कुमार पटेल ने किया नेतृत्व
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं डॉक्टर रवि कुमार पटेल ने कहा कि ” सरकार न जाने क्यों आदिवासियों, किसानो एवं पीड़ितों के साथ अभद्रतापूर्ण बर्ताव कर रही हैं। क्या न्याय संगत मांग करना अपराध है? क्या संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना अपराध है? क्या मौलिक अधिकारों कि बात करना अपराध है,अगर हां तो हम निश्चित ही अपराधी है किंतु सच इसके विपरीत है ,प्रशासन किसानों से भेदभावपूर्ण आचरण कर रहा है, निरंतर सत्याग्रह करने के बावजूद किसी भी संबंधित विभाग ने किसानों के हाल-चाल जानने की कोशिश नहीं की, यह निष्ठुरता लोकतंत्र के लिए भयावह साबित हो सकती है।”
पांगरी परियोजना को लेकर मांग
बीते कुछ वर्षों में पांगरी परियोजना समाज और प्रदेश के लिए निश्चित ही एक रहस्य और अचरज का विषय साबित हो रहा है। किसानों के आए दिन विभिन्न आंदोलन से पूरे बुरहानपुर जिले में किसानों के प्रति करुणा एवं सद्भाव और सरकार के प्रति नैराश्य साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों ने हाजिरी लगाई और अपने हाथों से कोयले के कालिख को मुंह पर लगा कर अन्याय के खिलाफ अपना मुंह काला किया और मुर्गा बन न्याय की मांग की। डॉ. पटेल कहा कि प्रदेश भर में किसानों से विभिन्न मामलों में दोहरी नीति अपनाई जा रही है, अगर यही हालात रहे तो अराजकता और अव्यवस्था के पनपने से खतरा बढ़ सकता है। हम शांति और समृद्धि के पक्षधर हैं और सरकार से भी विवेकी एवं निष्पक्ष होने का आग्रह करते हैं।
आंदोलन में ये रहे मौजूद
इस आंदोलन में प्रमुखता से नंदू पटेल, मान्या भिलावेकर, रामदास महाराज,माधो नाटो, बद्री वास्कले ,श्रीराम, राहुल राठोड़ ओमप्रकाश ,मामराज, राजूभाई ,नवल, किशोर सुमला, विजय, देवा भाई, श्रीकिसन, नीतीश श्रॉफ, दीपक,संजय चौकसे,विज्जु ,मंसाराम, मनोज भाई,सालिकराम जी आदि अन्य किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से सहभाग कर अपना पक्ष रखा।


