डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ आयुष्मान भारत योजना केअंतर्गत प्रोत्साहन राशि में फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को लेकर प्राप्त गंभीर शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित और सख्त कदम उठाया है। जनसुनवाई के माध्यम से सामने आए इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।
जनसुनवाई में सामने आया मामला
दिनांक 16 दिसंबर 2025 को आयोजित जनसुनवाई में विकासखंड शहपुरा से संबंधित एक शिकायत/आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए थे।
प्रारंभिक कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस
प्राप्त शिकायत पर प्रारंभिक कार्यवाही करते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा, डॉ. सत्येंद्र परस्ते को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्राप्त जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच का निर्णय लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर डिंडौरी के आदेश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।
जांच समिति के सदस्य
एसडीएम शहपुरा — श्री ऐश्वर्य वर्मा
जिला पेंशन अधिकारी — श्री साकेत जैन
जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी — श्री साकेत जैन
जिला आयुष्मान समन्वयक — श्री गौरव ठाकुर
7 दिवस में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
जांच समिति द्वारा आयुष्मान योजना अंतर्गत विकासखंड शहपुरा में हुए फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। समिति को 07 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा कदापि स्वीकार्य नहीं है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


