राणापुर/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/जश्न ए विलादत ए मौला अली के मौके पर नगर में फिदा-ए-313 सीरत फाउंडेशन की जानिब से मुस्लिम पंच कमेटी की सदारत में राणापुर नगर के मुस्लिम समाज का पहला इज्तिमाई निकाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सरपरस्ती अलीराजपुर के प्रभारी शहर काजी औलाद-ए- ख्वाजा बंदा नवाज सैयद हनीफ दादा साहब चिश्ती अशरफी एवं उनके शाहजादे हजरत हाफिज सैयद मोहसिन बाबा ने की।
निकाह जामा मस्जिद के इमाम हाफिज गुलाम साबिर साहब तथा मदरसा गुलशन-ए-गरीब नवाज के मुदर्रिस आज़म अत्तारी साहब द्वारा पढ़ाया गया।

इज्तिमाई निकाह में कुल छह जोड़ों ने निकाह कुबूल किया। निकाह का खुत्बा सैयद हाफिज मोहसिन बाबा साहब ने पढ़ाया, वहीं हजरत सैयद हनीफ दादा साहब ने नवविवाहित जोड़ों के सुखमय जीवन और देश में अमन-ओ-अमान की दुआ की।
इस अवसर पर हनीफ दादा ने दुल्हनों को तोहफे व लिफाफे भेंट किए। साथ ही कमेटी की ओर से घरेलू उपयोग की सामग्री जैसे बेड, अलमारी, सूटकेस, गैस चूल्हा, सिलाई मशीन, किचन सेट, कूलर, बर्तन, बाल्टियां, कुर्सियां सहित चांदी की बिछिया और पायल भी प्रदान की गई।
बाहर से आए मेहमानों के लिए ठहरने तथा इज्तिमा में शामिल सभी लोगों के लिए भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी। निकाह के बाद मुस्लिम पंच सदर सलमान निजामी ने तहसीलदार, पुलिस प्रशासन एवं नगर परिषद का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि इज्तिमाई निकाह कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सहारा देना है। ऐसे परिवार, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों की शादी नहीं कर पाते, वे भी इस आयोजन के माध्यम से अपने बच्चों की शादियां सादगी और खुशी के साथ कर सकें। यही इस कार्यक्रम की मूल भावना और उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुस्लिम पंच केबिनेट,लश्कर-ए-हैदरी कमेटी, जुल्फिकार-ए-हुसैन कमेटी, बरकाती कबीला, काई कबीला कमेटी एवं लंगर कमेटी का विशेष सहयोग रहा।


