शाजापुर/कमल सूर्यवंशी/खबर डिजिटल/ शाजापुर शहर भी जल्द ही नगर पालिका की लापरवाही की भेंट चढ़ने की कगार पर है, जिस तरह इंदौर में गंदे पानी की वजह से कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, उसी तरह के हालात शाजापुर में भी बनने जा रहे हैं, यहां पर भावसार मोहल्ला वार्ड नंबर 21 में काफी समय से नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत लोगों के द्वारा नगर पालिका के अमले को की जा चुकी है, लेकिन लापरवाह नगर पालिका द्वारा वार्डवासियों से ही पूछा जाता है कि कहां की समस्या है, अब लोग आंदोलन करने के लिए उतारू हो गए हैं।
भागीरथपुरा जलकांड 2.0 की तरफ बढ़ रहा भावसार मोहल्ला
आपको पता ही होगा कि इंदौर के भागीरथपुरा में जिस तरह गंदे पानी की वजह से दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, और सैकड़ों लोग अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे है, और इंदौर में इस गंदे पानी को लेकर कड़ी सियासत जारी है, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने सभी नगर पालिका क्षेत्र में गंदे पानी की जांच करने के आदेश दिए थे, लेकिन शाजापुर की लापरवाह नगर पालिका अपने काम से लापरवाही करते हुए, कहीं भी गंदे पानी की जांच नहीं करा रही है।
नलों से आ रही बेहद गंदा पानी
हाल ही का ताजा मामला भावसार मोहल्ला वार्ड नंबर 21 से सामने आया है, यहां नलों से मटमैला और गंदा पानी आ रहा है, जैसा कि नाले से आ रहा हो। जब इसकी शिकायत रहवासियों ने नगर पालिका इंजीनियर से की, तो नगर पालिका इंजीनियर ही उनसे फोन पर पूछते है, किस जगह की समस्या है, मैं वहां टीम भेज देता हूं। जिसको लेकर इंजीनियर और वार्डवासियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई है, आप देखिए किस तरह से वार्ड वासियों ने वीडियो बनाया है और मीडिया को अवेलेबल करवाया है, जिसमें नलों से मट मैला और गंदा पानी आ रहा है, अब लोगों को भी डर लग रहा है कि कहीं उनकी जान भी इस गंदे पानी की वजह से ना चली जाए।
नगर पालिका के जिम्मेदार मौन
वहीं वार्डवासियों का कहना है कि शिकायतें आवेदन भी नगर पालिका में दिया जा चुका है, लेकिन उनकी सुनवाई आज तक नहीं हुई है, एक वार्डवासी ने तो यह भी कहा कि कहीं इंदौर जैसे हालात हमारे शाजापुर में ना बन जाए इससे डर लग रहा है।इस तरह के हालात सिर्फ एक वार्ड में नहीं बल्कि कई वार्ड से प्रतिदिन सामने आ रहे हैं, जहां पर प्यास बुझाने के लिए दिया जाने वाला पानी मटमैला आ रहा है। वहीं अब देखना होगा कि नगर पालिका के जिम्मेदार इस और ध्यान देंगे, या इंतजार करेंगे के भागीरथपुरा जल 2.0 हो जाए।
