सीहोर/संजय त्यागी/खबर डिजिटल/ सीहोर में सैकड़ा खेडी के पास शहीद हुए 356 अनाम शहीदों को नागरिको ने भावभीनी श्रदांजलि अर्पित की, 14 जनवरी 1858 को सीहोर में 356 क्रांतिकारियों को कर्नल हिरोज ने सिर्फ इसलिए गोलियों से छलनी कर दिया, क्योंकि इन देशभक्त शहीदों ने तत्कालीन सीहोर स्थित भोपाल रेजीमेंट में विद्रोह कर कब्जा कर लिया था, और सीहोर में सिपाही बहादुर सरकार के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने अपनी सरकार स्थापित कर ली थी।
356 देशभक्तों को एक साथ मार दी थी गोली
इस समाधि स्थल के चारों तरफ स्थित इसी मैदान में ही 14 जनवरी 1858 को हत्यारे कर्नल हिरोज ने 356 देशभक्तों को पंक्तिबद्ध खड़ा कर गोलियों से उनका शरीर छलनी कर दिया था ,,,इस बलिदान गाथा पर गर्व महसूस करने वाले जनप्रतिनिधी और नागरिक हरवर्ष श्रद्धांजली सभा में सम्मिलित होकर अनाम शहीदों को याद करते हैं।
मालवा का जलियांवाला बाग
मालवा के जलियांवाला कहलाने वाले इस बलिदानी गाथा के इतिहास में स्पष्ट प्रमाणों के बाद इस रत्त-रंजित बलिदानी घटनास्थल पर स्मारक बनाया गया, इस स्थल को भव्य रूप दिया जा रहा है,,, सीहोर के सैकड़ा खेड़ी स्थित इस बलिदान स्थल पर इन्हीं भूले -बिसरे शहीदों को याद करने हर वर्ष 14 जनवरी को सीहोर के नागरिको का सैलाब उमड़ता है। इस बार भी विधायक और कलेक्टर, एसपी समेत स्थानीय नागरिकों,पत्रकारों,सामाजिक कार्यकर्ताओ ने आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया, और अंत में मौन धारण कर अमर बलिदानिओं को श्रदांजलि दी गई। वहीं विधायक सुदेश राय में इस बलिदानी स्थल को और विकसित करने की बात कही।


