रीवा/ अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित रीवा जिले के चाकघाट में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ईंधन तस्करी के फलते-फूलते काले कारोबार को नेस्तनाबूद कर दिया है। यूपी से सस्ता डीजल-पेट्रोल लाकर एमपी में महंगे दामों पर बेचने वाले मुनाफाखोरों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने 500 लीटर से अधिक ईंधन जब्त किया है। चाकघाट थाना पुलिस की इस मुस्तैदी ने सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तेल माफियाओं की नींद उड़ा दी है।
रीवा जिले की त्यौंथर तहसील के अंतर्गत आने वाला चाकघाट थाना क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, पिछले काफी समय से ईंधन तस्करी का केंद्र बना हुआ था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर चाकघाट थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान न केवल संदिग्ध वाहनों की घेराबंदी की गई, बल्कि स्थानीय बाजारों और गुमटियों में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस की इस दबिश में 500 लीटर से अधिक अवैध डीजल और पेट्रोल बरामद हुआ है, जिसे अवैध रूप से ड्रमों और केन में भरकर रखा गया था। इस पूरे खेल की जड़ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच ईंधन की कीमतों में भारी अंतर है। इसी 6 रू से 13 रू प्रति लीटर के मुनाफे के लालच में तस्कर सीमा पार से भारी मात्रा में ईंधन लाकर चाकघाट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खुलेआम ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। यह न केवल शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहा है, बल्कि असुरक्षित तरीके से ईंधन के भंडारण से बड़ी दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
कार्रवाई और हड़कंप
छापेमारी के दौरान जब व्यापारियों से ईंधन की खरीद-बिक्री के वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी रसीद या लाइसेंस पेश नहीं कर सके। पुलिस ने मौके से सारा माल जब्त कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के बड़े सप्लायरों से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की एक टीम जांच में जुट गई है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की मुनाफाखोरी और अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


