सिवनी/ खबर डिजिटल / जिले के उगली थाना क्षेत्र के ग्राम बनाथर से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां के 7 ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई है कि पूरे गांव ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। पीड़ितों का कसूर सिर्फ इतना था कि वे ग्रामीणों द्वारा मांगे गए चंदे की राशि देने में असमर्थ रहे।
चंदा न देने पर मिली सजा
पीड़ितों के अनुसार, कुछ समय पूर्व गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने चंदा मांगा था। मजदूरी और खेती-किसानी कर गुजर-बसर करने वाले ये सात परिवार उनकी मांग पूरी नहीं कर सके। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत कर इन परिवारों का बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया। वर्तमान में इन परिवारों से बात करना प्रतिबंधित है और उन्हें गांव की दुकानों से राशन या पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रही हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वे सबसे पहले शिकायत लेकर स्थानीय उगली थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें टाल दिया। थक-हारकर पीड़ितों को जिला मुख्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
SP की सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच SDOP केवलारी को सौंप दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। सवाल अब भी वही है कि क्या आधुनिक भारत में ऐसे बहिष्कार करने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी?


