मुंबई : लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एलएंडटी पावर डेवलपमेंट लिमिटेड (LTPDL) ने आज नाभा पावर लिमिटेड (NPL) में अपनी 100% इक्विटी और परिवर्तनीय लिखतों (convertible instruments) को टॉरेंट पावर लिमिटेड को बेचने के लिए एक निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा एलएंडटी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी गैर-प्रमुख विकास परियोजनाओं के व्यवसाय से बाहर निकलकर अपने मुख्य इंजीनियरिंग और निर्माण व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। आवश्यक नियामक अनुमोदनों के अधीन होने वाला यह विनिवेश, नाभा पावर के दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (PPA) और इसके उत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन को देखते हुए एक मूल्य-संचालित मुद्रीकरण प्रक्रिया है।
एलएंडटी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने इस महत्वपूर्ण कदम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नाभा पावर का विनिवेश कंपनी के मजबूत मुख्य व्यवसायों को सशक्त बनाने और मूल्य अनलॉक करने के रणनीतिक उद्देश्य के अनुरूप है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम शेयरधारकों और कर्मचारियों सहित सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की स्थिति सुनिश्चित करेगा। दूसरी ओर, टॉरेंट पावर लिमिटेड के अध्यक्ष समीर मेहता ने इस अधिग्रहण का स्वागत करते हुए इसे उत्तर भारत के उच्च विकास वाले बिजली बाजार में टॉरेंट के प्रवेश का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि नाभा पावर जैसी स्थापित परिचालन संपत्ति उनके पोर्टफोलियो में पहले दिन से ही राजस्व और लाभप्रदता में सार्थक वृद्धि करेगी।
पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में स्थित नाभा पावर लिमिटेड 1,400 मेगावाट (2 X 700 मेगावाट) की क्षमता वाला एक सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट है। वर्ष 2014 में शुरू हुआ यह प्लांट भारत सरकार के ‘केस II प्रतिस्पर्धी बोली दिशा-निर्देशों’ के तहत स्थापित किया गया था और वर्तमान में यह 25 साल के बिजली खरीद समझौते (PPA) के तहत संचालित हो रहा है। इसके पास SECL और NCL के साथ मजबूत दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौते (FSA) भी हैं, जो कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं।
नाभा पावर ने परिचालन के मामले में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक अनुकरणीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025 में इस प्लांट ने 95.36% का अपना अब तक का उच्चतम प्लांट उपलब्धता कारक (PAF) दर्ज किया। इतना ही नहीं, जुलाई 2024 में 94.33% के प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के साथ यह भारत के 500 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले सभी थर्मल पावर प्लांटों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा। टॉरेंट पावर की विशेषज्ञता और नाभा पावर के इस मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड का मेल आने वाले समय में परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की संभावना रखता है।
