गुरुग्राम : भारत की प्रमुख सौर पीवी मॉड्यूल निर्माता, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपनी उद्घाटन ‘सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट’ जारी कर सतत विकास की दिशा में एक बड़ा मानक स्थापित किया है। “पावरिंग प्रोग्रेस: ग्रोइंग टुगेदर फॉर ए ग्रीनर फ्यूचर” शीर्षक वाली यह रिपोर्ट स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं पर कंपनी की ठोस प्रगति को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने परिचालन में नवीकरणीय स्रोतों से 2,698 GJ ऊर्जा का उपभोग किया, जिसके परिणामस्वरूप 544.75 tCO₂e कार्बन उत्सर्जन को रोकने में सफलता मिली है।
यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जीआरआई (GRI) मानक 2021 के साथ-साथ सेबी (SEBI) के बीआरएसआर (BRSR) ढांचे और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप तैयार की गई है। पर्यावरणीय उपलब्धियों के अलावा, सात्विक ने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर ₹85.75 लाख का निवेश किया है। कर्मचारी कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, कंपनी ने वर्ष के दौरान शून्य ‘लॉस्ट-टाइम इंजरी’ (LTI) दर्ज की और कर्मचारियों के लिए 11,282 घंटों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसी सकारात्मक कार्य-संस्कृति के कारण कंपनी को ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क®’ के रूप में भी मान्यता मिली है।
सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ, श्री प्रशांत माथुर ने इस अवसर पर कहा कि यह पहली सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट नेट-जीरो लक्ष्यों के प्रति कंपनी की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे भारत 2070 तक नेट-जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, सात्विक अपने पर्यावरणीय फुटप्रिंट को कम करने और कार्यबल की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आईएसओ 9001, 14001 और 45001 प्रमाणित विनिर्माण इकाइयों के साथ, कंपनी अब अपनी वैल्यू चेन में ईएसजी (ESG) एकीकरण को और गहरा करने की योजना बना रही है।
