इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के इंदौर की विधानसभा-5 से बीजेपी विधायक जनता की समस्याओं को लेकर बेहद ही संवेदनशील माने जाते हैं, इसी का नतीजा है कि शहर की सबसे बड़ी मुस्लिम बहुल विधानसभा से भी वो लगातार 5वीं बार जीतकर आए, लेकिन अब वो अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराज चल रहे हैं, उनके विधानसभा क्षेत्र में अवैध निर्माण और कथित अनैतिक गतिविधियों को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी, विधायक हार्डिया ने निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जिसके लिए उन्होंने साफ चेतावनी जारी कर दी है कि यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वे स्थानीय पार्षदों और रहवासियों के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका आरोप है कि कई कॉलोनियों में आवासीय भवनों में नियम विरुद्ध हॉस्टल, होटल संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी अवैध गतिविधियों को लेकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ।
नियमों की हो रही अनदेखी
विधायक महेंद्र हार्डिया ने आरोप लगाया है कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की कई आवासीय कॉलोनियों में नियमों के खिलाफ हॉस्टल, होटल और किराये बडे़ मकान संचालित किए जा रहे हैं, कई बार इन मकानों में अवैध गतिविधियों की जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते रहवासी रोजाना उनके पास शिकायत लेकर आते हैं, जिसकी शिकायत निगम के अधिकारियों के पास करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। रहवासी अवैध गतिविधियों के कारण खुद को डरा सा महसूस करते हैं, क्योंकि कई बार उन मकानों में आपराधिक छवि के लोग भी देखे गए हैं। विधायक ने बाकायदा नाम लेकर बताया कि निगमायुक्त रहते वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा को सारी जानकारी मुहैया कराई गई थी, वर्तमान आयुक्त क्षितिज सिंघल से भी रहवासी संघों ने मुलाकात कर समस्या जाहिर की थी, लेकिन नतीजा ठीक वैसा ही रहा, कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अब विधायक महेंद्र हार्डिया ने मैदान में उतरकर मोर्चा संभालने का मन बना लिया है।
विधायक महेंद्र हार्डिया ने विस में लगाया था प्रश्न
जानकारी के मुताबिक इंदौर में करीब 10 विधानसभा है, जिसमें एक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भी शामिल है। विधानसभा के बजट सत्र में विधायक महेंद्र हार्डिया के अलावा एक भी विधायक ने कोई प्रश्न नहीं लगाया, जबकि उन्होंने एक प्रश्न में यह मुद्दा भी उठाया था, लेकिन अधिकारियों ने गोलमोल जवाब पेश कर दिया। हालांकि मंत्री कैलाश विजवर्गीय ने जानकारी दी थी कि आवासीय निर्माण पर व्यावसायिक संचालन की अनुमति निगम द्वारा जारी नहीं की जाती, तो अब सवाल बनता है कि इस मामले में कौन कार्रवाई करेगा, या फिर विधायक महेंद्र हार्डिया सड़कों पर उतरकर अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आएंगे।


