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Friday, April 17, 2026
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मप्र विधानसभा सत्र 2026: क्या आपके विधायक ने किया प्रश्न?.. भाजपा के 56 विधायकों ने सदन में साधा मौन

देखिये पूरी लिस्ट, किस-किसने पूछा सवाल

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ क्या आपके इलाके में कोई समस्या ही नहीं? सारी समस्याएं खत्म हो चुकी है? ये सवाल इसीलिये किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश की विधानसभा में एक तरफ कई विधायकों ने सवालों की झड़ी लगा दी, तो कई विधायकों ने एक भी सवाल नहीं किया, जबकि सवाल पूछने वालों में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेता शामिल हैं। बीजेपी के विधायक दिलीप सिंह परिहार और राजेंद्र पांडेय ने सत्ता पक्ष की ओर से सबसे ज्यादा सवाल किए। सवाल नहीं पूछने वालों की संख्या 50 से ज्यादा रही, जोकि एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है कि आखिर इन विधायकों का सदन में बैठना क्या मायने रखता है।

6 मार्च तक चलना था सदन
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हुआ था, हालांकि सत्र 6 मार्च तक चलना था, लेकिन होली के त्योहार के 2 दिन पहले ही 27 मार्च को सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। अबकी बार वीडियोज देखने वालों को काफी अच्छा लगा, क्योंकि सवालों की जमकर बौछार हुई। विधायकों ने 3 हजार 478 सवाल किए, इनमें 1750 तारांकित और 1728 अतारांकित प्रश्न थे, जोकि सदन की अबकी बार की बेहतर कार्यवाही को दर्शाता है, हालांकि कम दिनों के कारण जनता को एक निराशा जरुर हाथ लगी।

ई विधान एप के जरिए मिली जानकारी
विधानसभा के ई विधान एप के जरिए विधायकों के पूछे प्रश्नों की जानकारी ली गई, इसका विश्लेषण करने के बाद पता चला कि सत्ता पक्ष की तरफ से महज 81 विधायकों ने ही प्रश्न किए। इनमें बीजेपी के कुछ विधायकों ने प्रश्न पूछने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके विपरीत 54 विधायकों ने एक भी प्रश्न ना कर मौन साध लिया, जोकि अब चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रश्न नहीं पूछने का मतलब है कि उनके हिसाब से किसी भी विभाग में कोई कमी नहीं है, क्षेत्र में भी कोई समस्या नहीं है, जबकि विधानसभा सचिवालय से उनको फोन तक लगाया गया, जिसकी पुष्टि हुई है।

कांग्रेस के 98 फीसदी विधायकों ने पूछे सवाल
फिलहाल एमपी विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 66 है। सवाल पूछने वाले विधायकों में 41 प्रश्न पूछकर अव्वल स्थान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हासिल किया है। जयवर्धन सिंह ने 40 सवाल, डॉ. हीरालाल अलावा ने 40 सवाल, फुंदेलाल मार्को, यादवेंद्र सिंह, राजन मंडलोई ने 39-39 सवाल किए। केदार डावर, श्याम बरड़े ने 3-3 सवाल और कमल मर्सकोले ने 5 सवाल किए। कांग्रेस विधायकों में गोपाल इंजीनियर ने एक भी सवाल नहीं किया। कांग्रेस विधायकों के सवालों में समर्थन मूल्य, भावांतर, लैंड पुल्लिंग, लाड़ली बहना योजना, सरकारी भर्तियों में देरी, पेपर लीक, आदिवासियों के मुद्दे खास थे।

भाजपा के सवाल पूछने वाले विधायक
बीजेपी की तरफ से दिलीप सिंह परिहार ने सबसे ज्यादा सवाल दागे। उन्होंने अपने क्षेत्र की परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, खेती से संबंधित थे। इसी तरह बीजेपी विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने औद्योगिक विकास और स्थानीय प्रशासनिक सुधारों को लेकर 40 सवाल किए। इसी तरह उमाकांत शर्मा ने 39 सवालों के जरिए भ्रष्टाचार और नियम के खिलाफ काम करने वाले मुद्दों को उठाया। बीजेपी के करीबन 45 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने पूरे विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 10 से कम सवाल पूछे हैं। इनमें पांच विधायक ऋषि अग्रवाल, प्रहलाद लोधी, माधव सिंह, रमाकांत भार्गव, राजेंद्र मेश्राम ने एक-एक सवाल ही पूछा। दो सवाल पूछने वाले विधायकों में अरविंद पटेरिया, छाया गोविंद मोरे, ठाकुरदास नागवंशी, प्रीतम लोधी, योगेश पांडाग्रे शामिल है। कुल मिलाकर 49 प्रतिशत विधायकों ने अपनी सक्रियता दिखाई।

बीजेपी के इन विधायकों ने भी पूछे सवाल
विधानसभा में बीजेपी के 164 विधायक हैं, इनमें मुख्यमंत्री, मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर 81 विधायकों ने विधानसभा में सवाल पूछे। इनमें अजय विश्नोई, अनिरुद्ध माधव मारु, अनिल जैन, अनिल जैन कालूखेड़ा, डॉ. अभिलाष पांडेय, अंबरीष शर्मा, अमर सिंह यादव, अर्चना चिटनिस, अरुण भीमावद, अरविंद पटेरिया, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, आशीष शर्मा, उमाकांत शर्मा, उमादेवी खटीक, ऋषि अग्रवाल, कंचन तनवे, कुंवर सिंह टेकाम, गंगा सज्जन सिंह उईके, गिरीश गौतम, गोपाल भार्गव, गौरव सिंह पारधी, घनश्याम चंद्रवंशी, चंद्रशेखर देशमुख, चंदर सिंह सिसौदिया, चिंतामणि मालवीय, ठाकुरदास नागवंशी, तेजबहादुर सिंह चौहान, देवेंद्र कुमार जैन, देवेंद्र रामनारायण रखवार, दिनेश राय मुनमुन, दिलीप सिंह परिहार, दिव्यराज सिंह, धीरेंद्र बहादुर सिंह, नरेंद्र प्रजापति, नागेंद्र सिंह, नारायण पटेल, निर्मला सप्रे, नीना विक्रम वर्मा, नीरज सिंह ठाकुर, प्रणय प्रभात पांडे, प्रदीप अग्रवाल, प्रदीप पटेल, प्रदीप लारिया, प्रभुराम चौधरी, प्रेमशंकर वर्मा, प्रहलाद लोधी, प्रियंका पैंची, प्रीतम लोधी, बृजबिहारी पटेरिया, बृजेंद्र यादव, बृजेंद्र प्रताप सिंह, बिसाहूलाल सिंह, भगवानदास सबनानी, भूपेंद्र सिंह, मुकेश टंडन, मनीषा सिंह, मनोज नारायण सिंह, मनोज निर्भय सिंह पटेल, महेंद्र चौहान, महेंद्र नागेश, महेंद्र हार्डिया, माधव सिंह, मोहन शर्मा, मोहन सिंह राठौर, योगेश पंडाग्रे, रमेश कुमार खटीक, रमाकांत भार्गव, राकेश शुक्ला, राजकुमार कर्राहे, डॉ. राजेंद्र पांडेय, राजेंद्र मेश्राम, राजेश कुमार वर्मा, राम निवास शाह, रीति पाठक, ललिता यादव, विक्रम सिंह, विश्वामित्र पाठक, विष्णु खत्री, वीरेंद्र सिंह लोधी, वीर सिंह भूरिया, शरद कोल, श्रीकांत चतुर्वेदी, शैलेंद्र कुमार जैन, शिवनारायण सिंह, सतीश मालवीय, संतोष वरकड़े, सुदेश राय, संदीप जायसवाल, सिद्धार्थ तिवारी, डॉ. सीतासरन शर्मा, हजारीलाल दांगी, हरदीपर सिंह डंग, हरिबाबू राय, हरिशंकर खटीक के नाम शामिल है।

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