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Friday, April 17, 2026
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भागीरथपुरा जल कांड: दूषित पानी से मौत या कुछ और?… याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों ने चौंकाया

निगम कर्मचारियों पर FIR करने की मांग

इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ गुरुवार को इंदौर हाईकोर्ट की बेंच में भागीरथपुरा जल कांड के मामले में सुनवाई हुई, इस दौरान जांच कमेटी के द्वारा सील बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश की गई, इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने भागीरथपुरा पानी की टंकी पर तैनात कर्मचारियों पर सवाल उठाए, उसके बयान लेने के साथ उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की, जिस पर अब 6 अप्रैल को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश
भागीरथपुरा जल कांड की जांच रिपोर्ट इंदौर हाईकोर्ट में गुरुवार को पेश की गई, बंद लिफाफे में पेश की गई रिपोर्ट के खुलासे के बाद सारी जानकारी सामने आएगी। यहां दूषित पानी पीने के कारण 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, इस मामले में कोर्ट में 3 याचिकाएं लगी हुई थीं, इन 3 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पिछले दिनों रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की थी, इसी जांच कमेटी ने गुरुवार को जांच रिपोर्ट पेश की गई।

पानी की टंकी पर तैनात कर्मचारियों पर सवाल
याचिकाकर्ता के वकील अजय बागड़िया का तर्क है कि ‘पानी की टंकी पर पदस्थ 5 कर्मचारियों से पूछताछ की जाए, उन्होंने कोर्ट को बताया कि जो क्लोरीन मिला हुआ संक्रमित पानी बताया जा रहा है वह जल शुद्धिकरण संयंत्र से सीधे वॉटर टैंक तक आने की संभावना कम है, यदि बीच में पानी में कोई रासायनिक मिश्रण या प्रदूषण हुआ होता तो वह पाइपलाइन फटने या किसी अन्य तकनीक के कारण से होता।’ साथ ही उन्होंने बताया कि ‘वार्ड 11 के सीधे वाटर टैंक से पानी भरकर पानी वाले ही बीमार हुए थे’ जिसमें लोगों को बयान प्रस्तुत करने का हवाला दिया गया।

दूषित पानी मामले में सबसे खास बात
एडवोकेट अजय बगड़िया ने यह भी तर्क दिए कि ‘सामान्य क्लोरीनेशन से मृत्यु होना संभव नहीं है, साधारण बैक्टीरिया संक्रमण से भी इतनी गंभीर स्थिति नहीं बनती है, अधिवक्ता ने आशंका जताई कि पानी में पोटेशियम क्लोराइड या अन्य किसी रसायन की मात्रा अधिक डाली गई है, जिसके कारण भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने के कारण लोगों की मौत हुई है।’

निगम कर्मचारियों पर एफआईआर की मांग
अधिवक्ता ने भागीरथपुरा पानी की टंकी पर तैनात निगम के कर्मचारियों के बयान लेने के साथ उन पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है, इस मामले में अब 6 अप्रैल को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, जिसके बाद साफ हो पाएगा कि आखिर दूषित पानी पीने के बाद मौत का असल कारण आखिर क्या था।

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