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Friday, April 17, 2026
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पं. प्रदीप मिश्रा ने बदला ‘नवाबी होली’ का नाम… होली के बाद मनाया जाता है पर्व

भाईदूज के दिन सालों से मनाते हैं त्योहार

सीहोर/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश का सीहोर अब एक ही बात के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध होता जा रहा है कि यहां पर कुबेरेश्वर धाम स्थित है, यहां के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा भगवान शंकर के अनन्य भक्त हैं, जिन्होंने लोगों को भगवान शिव का भक्ति का अलग ही मार्ग बताया। उन्होंने अपने क्षेत्र में एक और नवाचार करने का काम किया है। जिसके तहत ‘नवाबी होली’ का नाम बदलकर उसे ‘महादेव होली’ का नाम दिया गया है।

सालों से चली आ रही है परंपरा
किसी जमाने में सीहोर में नवाबी शासन हुआ करता था, उस समय से यहां पर होली के बाद भाईदूज के दिन नवाबी होली खेली जाती थी, सालों से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार भोपाल से नवाब सीहोर में आकर होली खेला करते थे, जिसे ‘नवाबी होली’ कहा जाता था, जोकि साल 2021 तक जारी रही। जिसको अब बदल दिया गया है, यहां पर कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की पहल पर इस परंपरा का नाम बदलकर ‘महादेव होली’ का नाम दिया गया। जिसके पीछे आह्वान है कि हिंदू समाज को अपनी जड़ों के आधार पर ही अपने त्योहार मनाना चाहिए, इसीलिये ‘नवाबी होली’ की बजाय ‘महादेव होली’ नाम दिया गया है।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने की अपील
मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच यु्द्ध को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि यदि मानवता ने धर्म और भक्ति का मार्ग नहीं अपनाया, तो विनाशकारी परिस्थितियां बन सकती हैं। ​उनका कहना है कि भगवान की भक्ति ही वह कवच है जो आने वाले संकटों से रक्षा कर सकती है। उन्होंने शिव भक्तों को जातियों में न बंटने की सलाह दी और कहा कि महादेव सबके हैं-चाहे वह अमीर हो या गरीब, इंसान हो या पशु-पक्षी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे रंग फीके पड़ सकते हैं, लेकिन शिव भक्ति का रंग कभी नहीं उतरता।

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