इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ आज एक तस्वीर सबके लिए खास बन गई, जब सीएम डॉ. मोहन यादव और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बीच आंखों ही आंखों में कुछ बात हुई, महापौर उनसे कुछ कहते, लेकिन मौका मुफीद नहीं था, उसी का नतीजा बाद में सामने आया, हालांकि फिलहाल चर्चा महज इंदौर जल कांड की चल रही है, जिसमें दोष किस पर है, ये सिद्ध नहीं हो पा रहा है।
भागीरथपुरा जल कांड पर हाईकोर्ट में सुनवाई
गुरुवार को इंदौर हाईकोर्ट की बेंच में भागीरथपुरा जल कांड के मामले में सुनवाई हुई, इस दौरान जांच कमेटी के द्वारा सील बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश की गई, इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने भागीरथपुरा पानी की टंकी पर तैनात कर्मचारियों पर सवाल उठाए, उसके बयान लेने के साथ उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की, जिस पर अब 6 अप्रैल को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
सीएम के साथ भोपाल गए महापौर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव हैलीकॉप्टर से भोपाल रवाना हुए, इसके पीछे एक बार फिर भागीरथपुरा जल कांड का मुद्दा बताया जा रहा है, जिसमें जिम्मेदारी को लेकर आलाकमान लगातार सवाल पूछ रहा है, उसी को लेकर आम जनता की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है।


