भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में सियासत के कई मोड़ दिखाई दे रहे हैं, सीएम डॉ. मोहन यादव प्रत्येक काम में लीड लेते नजर आ रहे हैं, चाहे वो बात हो, जनहितैषी योजनाओं की, या फिर बात हो, जनता से सीधे संवाद की। सरकारी मशीनरी को ठीक करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, समय पर दफ्तर आने की आदत डलाने का काम किया जा रहा है, जनता के हित में पहली बार इतना बड़ा कदम उठाने का काम किया जा रहा है, ये अंदरखानों से मंत्रालय के आसपास भटकते लोगों की जुबानी निकलकर सामने आ रही है।
संगठन की मजबूती पर भी नजर
एक तस्वीर बीच में बीजेपी के आलाकमान के सामने नजर आई थी, जब सत्ता के सिरमौर सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साथ मिलकर दिल्ली में संदेश दिया था कि आगामी चुनावी तैयारी के लिए ऑल इज वेल है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात मोहन मंत्रिमंडल के विस्तार और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कयासबाजी शुरु हो गई, लेकिन उसके बाद भी परिणाम सामने नहीं आने के बाद वेट एंड वॉच की स्थिति निर्मित हो गई।
संगठन महामंत्री के बिना क्या?
बीजेपी के अंदरुनी हलकों से निकलकर आ रही खबरों के अनुसार पार्टी के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रत्येक जिले में अपनी कार्यकारिणी के प्रभारी नियुक्त कर जता दिया है कि यदि उनके पास कोई समर्पित संगठन महामंत्री नहीं हुआ, तो भी वो काम करने के लिए पूरी ताकत से अपनी टीम को लेकर चल सकते हैं, हालांकि वो पूरी तरह से संगठन महामंत्री की नियुक्ति के समर्थक नजर आ रहे हैं, क्योंकि अध्यक्ष की भूमिका में कामकाज को बेहद ही हल्का करने का काम बीजेपी में यही पद करता आया है।
संभाग और जिला प्रभारियों की बढ़ जाएगी भूमिका
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की महत्वपूर्ण बैठक 13-15 मार्च 2026 को हरियाणा के पानीपत (समालखा) में होगी। सरसंघचालक मोहन भागवत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, सांगठनिक ढांचे में बड़े बदलाव, आगामी कार्ययोजना और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा व प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इस बैठक में भी मध्यप्रदेश में संगठन महामंत्री की नियुक्ति नहीं हो पाती, तो पार्टी जिला और संभाग प्रभारियों के जरिए अपने संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाएंगे।


