डिंडोरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ डिंडोरी नगर परिषद में पद के दुरुपयोग की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। पूरा मामला वार्ड क्रमांक 12 पुरानी डिंडोरी का है आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता अशोक सारस ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी खजाने को 17 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। उन्होंने एक ऐसी जगह पर सीसी सड़क बनवा दी, जिसका सार्वजनिक उपयोग न के बराबर है।
ये है आरोप
आरोप के अनुसार वार्ड क्रमांक 12 पुरानी डिंडोरी में खसरा नंबर 374 /12 की जमीन पर सरकारी अनुमति के बगैर ही अवैध प्लाट काटे गए और बताया जा रहा है कि इस जमीन की कीमत बढ़ाने के लिए और खरीदारों को आकर्षित करने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता अशोक सारस ने अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल किया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस अवैध कॉलोनी में नगर परिषद के ही एक उप यंत्री ने भी एक प्लाट लिया हैं।
‘कायाकल्प योजना’ के तहत निर्माण
जैसे ही साहब का घर बनकर तैयार हुआ परिषद ने नियम को को ताक पर रखकर सिर्फ एक दो घरों के लिए ‘कायाकल्प योजना’ के तहत 17 लाख रुपये की भारी भरकम रकम से सीसी रोड स्वीकृत कर दी। स्थानीय निवासी और वार्ड पार्षदों का आरोप है कि जहां शहर में कई मुख्य सड़क, गलियां अभी भी जर्जर हालत में है जहां मरम्मत और देखरेख की जरूरत है उन मार्गों को सुधारने की बजाय महज केवल एक दो घरों तक पहुंचने के लिए भारी भरकम राशि खर्च करके सीसी रोड़ बना दी गई। जिसमें उप यंत्री का मकान भी है।
नेता प्रतिपक्ष ने की मांग
नगर परिषद के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष ज्योतिरादित्य भलावी ने मांग की है की खसरा नंबर 374 की विस्तृत जांच की जाए। खसरा किसके नाम से दर्ज है। राजस्व रिकॉर्ड में इस जमीन के सैकड़ो बाटांकन हो चुके हैं। आरोप है कि कई प्लाटों को यहां पर औने-पौने भाव में वितरित किए गए ताकि आने वाले समय में होने वाले भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा सके। सरकारी बजट को रसूखदारों और दिग्गजों को फायदा पहुंचाने के लिए निजी निवेश की तरह उपयोग में लाया गया है।
कलेक्टर ने किया सीएमओ से जवाब तलब
कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी से जबाव मांगा है। सीएमओ ने माना है कि अनु उपयोगी और खाली जमीन पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर के सड़क बनाई गई है। उपयंत्री और जोन प्रभारी शिवराज बघेल को भी कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा है। इसको लेकर तीन दिवस मे संतोषजनक उत्तर नहीं दिये जाने पर सीएमओ ने अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी उपयंत्री को दी है। और पूछा है कि आखिर किस आधार पर इस कार्य का चुनाव किया गया, इस कार्य की स्वीकृति किसने दी और भुगतान का औचित्य क्या था। वार्ड निवासियों का कहना है कि इस कार्य जांच कराई जाये, और जो भी दोषी हो उस पर उचित कार्रवाई की जाए। अन्यथा उग्र प्रदर्शन किया जायेगा।


