भोपाल/खबर डिजिटल/ शरीर में खराब खानपान और बीमारियों के कारण अशुद्धियां जमा हो जाती है, इसके समाधान के लिए आयुर्वेद का सहारा लिया जा सकता है। भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वायत्त) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में इन दिनों स्वास्थ्य और शोध से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजन हो रहे हैं, एक तरफ पंचकर्म विभाग में फ्री वासंतिक वमन चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह 30 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक चलेगा।
नेत्र स्वास्थ्य पर होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी
पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वायत्त) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में 12 और 13 मार्च को नेत्र स्वास्थ्य पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर के आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता भाग लेकर आयुर्वेदिक नेत्र चिकित्सा की आधुनिक संभावनाओं और उपचार पद्धतियों पर चर्चा करेंगे, इसमें निष्कर्ष निकाला जाएगा कि आयुर्वेद के जरिए किस तरह से आंखों के स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है।
टॉक्सिक पदार्थ निकालेंगे बाहर
आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु में शरीर में संचित कफ दोष का प्रकोप बढ़ जाता है। इस कफ दोष को शरीर से बाहर निकालने के लिए वमन कर्म एक प्रभावी पंचकर्म चिकित्सा मानी जाती है, इसीलिये पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय के पंचकर्म विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क वासंतिक वमन चिकित्सा शिविर के माध्यम से मरीजों को प्राकृतिक तरीके से शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करने का अवसर दिया जा रहा है। इस चिकित्सा पद्धति से शरीर में जमा टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
ऐसे करा सकते हैं पंजीयन
जानकारों का मानना है कि वासंतिक वमन चिकित्सा सोरायसिस, त्वचा रोग, मोटापा, एसिडिटी, पुराना सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा, थायरॉइड, तनाव और पाचन संबंधी समस्याओं में लाभकारी है। इसके अलावा महिलाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे पीसीओडी और इनफर्टिलिटी में भी यह चिकित्सा उपयोगी मानी जाती है।


