Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती के मामलों को लेकर राजनीतिक तेज होती जा रही है। कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह फैसला बलरामपुर जिले में अफीम की खेती मिलने के बाद लिया गया है। समिति के संयोजक के रूप में पूर्व विधायक प्रीतम राम को जिम्मेदारी दी गई है।
दुर्ग के बाद बलरामपुर में खेती
कांग्रेस ने कहा है कि इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया था और अब बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में नशे के कारोबार को लेकर स्थिति गंभीर है।
कांग्रेस करेगी विरोध प्रदर्शन
मामले को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का घेराव करेगी। जिसके तहत सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करेंगे और अवैध अफीम खेती के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
सोशल मीडिया पर घेरना शुरू
मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कई नेताओं ने पोस्ट के जरिए अफीम की खेती को लेकर तंज कसे हैं और कई स्लोगन माध्यम से भाजपा पर निशाना साधा है।
भूपेश बघेल की पोस्ट
इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि फिर पकड़ी गई अफ़ीम! मैंने पहले ही कहा था कि दुर्ग तो महज़ पर्दाफ़ाश की शुरुआत थी। अफ़ीम सहित सूखे नशे का कारोबार सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के संरक्षण में चल रहा है। दुर्ग में जो भाजपा नेता अफ़ीम की खेती करते पकड़ा गया, उसे विष्णुदेव सरकार ने मुख्य आरोपी तक नहीं बनाया। यह खेल बड़ा है। पूरी भाजपा इस नशे के कारोबार में लिप्त है।



