भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो चुकी है। भाजपा को पिछली बार दो सीटें मिली थी, और कांग्रेस ने एक सीट पर फतह हासिल की थी। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह राज्यसभा पहुंचे थे, तो बीजेपी की दो सीटों पर सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन उच्च सदन में गए थे। अबकी बार दिग्विजय सिंह के राज्यसभा में जाने से इंकार करने के बाद कांग्रेस में दावेदारों की लंबी लिस्ट सामने आ रही है।
ऐसे में नेताओं ने राज्यसभा तक पहुंचने के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीतियां तैयार करनी शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले तीन महीने प्रदेश की राजनीति के लिहाज से काफी हलचल भरे रहने वाले हैं।
कांग्रेस की तरफ से इन नामों की चर्चा
दिग्विजय सिंह के मैदान से हटने के बाद कांग्रेस में नए सिरे से दावेदारों पर मंथन शुरु हो चुका है। इसमें सबसे पहले पूर्व सीएम कमलनाथ का नाम सामने आ रहा है, लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद छिंदवाड़ा की विधानसभा सीट खाली हो जाएगी, जिस पर नकुलनाथ को प्रत्याशी बनाने की चर्चा है। इसके अलावा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को अहम दावेदारों की लिस्ट में शामिल किया जा रहा है, चूंकि उनकी आक्रामक छवि के चलते राज्यसभा में वो बीजेपी को घेरने में मदद कर सकते हैं।
इसके साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और पूर्व सांसद मोनाक्षी नटराजन भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। यदि पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग से किसी नेता का नाम आगे बढ़ाती है तो पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और प्रदीप अहिरवार के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा प्रदेश में पशोपेश की स्थिति बनने पर किसी बाहरी नेता को भी कांग्रेस राज्यसभा भेज सकती है।
भाजपा में भी दावेदारों की लंबी लिस्ट
भाजपा में भी राज्यसभा की दो सीटों के लिए कई वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आ रहे हैं। मौजूदा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन में किसी एक को पार्टी एक बार फिर राज्यसभा भेज सकती है, क्योंकि जॉर्ज कुरियन वैसे भी केंद्र में राज्यमंत्री है। इसी तरह बीजेपी की तरफ वरिष्ठ नेताओं में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जयभान सिंह पवैया और लाल सिंह आर्य जैसे नेता शामिल बताए जा रहे हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह होगी कि ये सभी विधानसभा के टिकट के दावेदार भी है, इसीलिये उन्हें विधानसभा में सक्रिय होने का हवाला दिया जा सकता है। इसी तरह बीजेपी की तरफ से एक और रणनीति पर काम किया जा सकता है, तीसरी सीट पर भी इनमें से प्रत्याशी उतारकर चुनाव को रोचक बनाया जाए।
महज 6 वोटों के गणित की बात
एमपी की तीन राज्यसभा सीटों को लेकर 230 विधायकों के समीकरण पर चुनाव होगा। एक प्रत्याशी को जीत के लिए 58 विधायकों के मत की आवश्यकता होगी, जबकि कांग्रेस के पास वर्तमान में 65 विधायक हैं, इनमें से बीना विधायक निर्मला सप्रे अब बीजेपी के साथ हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास 64 विधायक बचते हैं, इसी तरह विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शून्य कर दिया है, हालांकि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है। कुल मिलाकर गणित 6 वोटों पर आकर टिका हुआ है, जिसमें सेंधमारी करने की स्थिति में बीजेपी नजर आ रही है।


