भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ क्या एमपी बीजेपी में सबकुछ ठीक चल रहा है? ये सवाल राजनीति में रुचि रखने वाले लगातार कर रहे हैं, क्योंकि जिस तरह से पिछले दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें, तो खुद सत्ताधारी दल के विधायक ही सड़क पर उतरने की बात कहते नजर आए हैं। कोई सड़क निर्माण पर सवाल उठा रहा है, तो कोई अपनी सुरक्षा को लेकर गुहार। ये सब पार्टी संगठन के लिए भी किरकिरी साबित हो रहा है, क्योंकि पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली बीजेपी में इस तरह का कम ही घटता नजर आता है, लेकिन पिछले कुछ वक्त में ये सिलसिला अचानक से बढ़ गया, जब खुद सत्ता में रहने वाले बीजेपी के विधायक ही नाराजगी जाहिर करने लगे, ऐसे में कहा जा रहा है कि कार्यकर्ता तो बेचारा टका सा मुंह ताकता ही नजर आ रहा है।
किन-किन विधायकों ने दर्ज कराई नाराजगी
हाल में गुना से बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, करोड़ों की लागत से बन रही सड़क को उन्होंने हथौड़े से खोदकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए, औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने जमकर अपनी भड़ास भी निकाली। विधायक शाक्य ने करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सड़क की टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी विधानसभा में गलत काम नहीं होने देंगे। इसी तरह कुछ दिन पहले इंदौर की विधानसभा-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी अवैध निर्माण और निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। भिंड के बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का कलेक्टर से टकराव जैसे मामले सामने आए हैं। वहीं मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल ने अपनी सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई थी। इसी तरह बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटेरिया, प्रदीप लारिया ने भी समय-समय पर नाराजगी जाहिर की।
नाराजगी के पीछे की वजह
अंदरखानों से खबर निकलकर सामने आई है कि बीजेपी के विधायकों की नाराजगी की मुख्य वजह अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करना, वरिष्ठ विधायकों को मंत्रिमंडल या महत्वपूर्ण समितियों में जगह न मिलना, क्षेत्रीय विकास कार्यों में प्रशासन का असहयोग, कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर असंतोष, किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान न होना, विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल समेत अन्य छोटे-मोटे मुद्दे हैं, जोकि सत्ताधारी दल के विधायकों की नाराजगी का कारण बन रहे हैं।
बीजेपी संगठन की कड़ी नजर
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह की इस घटनाक्रम पर पूरी नजर बनी हुई है, समय-समय पर उन्होंने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। पार्टी के दफ्तर बुलाकर विधायकों को ताकीद किया कि वरिष्ठ नेता ही इस तरह की हरकत करेंगे, तो आम कार्यकर्ता के बीच पार्टी की क्या छवि जाएगी, हालांकि उसका असर भी मैदान में दिखाई दिया, और विधायकों ने भी आने वाले समय में इस तरह की कार्यशैली को छोड़ने की बात कही।


