Tuesday, November 3, 2026
HomeभारतChaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में पीरियड्स आ जाए तो क्या करें?...

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में पीरियड्स आ जाए तो क्या करें? व्रत रखें या छोड़ें, जानें पूरा सच

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की भक्ति और श्रद्धा का सबसे खास समय माना जाता है. इन नौ दिनों में बड़ी संख्या में महिलाएं व्रत रखती हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं, लेकिन हर साल एक सवाल बार-बार सामने आता है कि अगर नवरात्रि के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आ जाएं तो क्या वे व्रत रख सकती हैं या नहीं.

क्या पीरियड्स में रख सकती हैं महिलाएं व्रत

इस विषय पर अलग-अलग घरों और परंपराओं में अलग राय देखने को मिलती है. कई परिवारों में आज भी यह मान्यता है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों से दूर रहना चाहिए. इसलिए उन्हें मंदिर जाने या पूजा सामग्री को छूने से मना किया जाता है. यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और कई लोग इसे शुद्धता से जोड़कर देखते हैं, लेकिन अगर शास्त्रों और आधुनिक सोच को देखा जाए, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं मिलता जो यह कहता हो कि महिलाएं पीरियड्स के दौरान व्रत नहीं रख सकतीं. कई विद्वान और आध्यात्मिक गुरु मानते हैं कि पूजा और व्रत का सबसे बड़ा आधार मन की श्रद्धा होती है, न कि केवल शारीरिक स्थिति.

फास्टिंग के बीच में आए पीरिड्स, तो करना होगा ये काम

अगर किसी महिला ने नवरात्रि का व्रत पहले से शुरू कर लिया है और बीच में पीरियड्स आ जाते हैं, तो कई मान्यताओं के अनुसार वह व्रत जारी रख सकती है. हालांकि इस दौरान कुछ सावधानियां रखने की सलाह दी जाती है. जैसे पूजा की सामग्री को सीधे छूने से बचना, मंदिर न जाना और घर के किसी अन्य सदस्य से पूजा करवाना. इसके साथ ही मन ही मन माता का ध्यान और जाप करते रहना भी पर्याप्त माना जाता है. कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर पीरियड्स शुरू होने का पहले से अंदेशा हो, तो व्रत शुरू न करना ही बेहतर होता है. वहीं जिन महिलाओं को इस दौरान कमजोरी, दर्द या थकान ज्यादा होती है, उन्हें व्रत रखने के बजाय स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. क्योंकि व्रत का उद्देश्य शरीर को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि भक्ति करना होता है. आखिर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर महिला अपनी स्थिति, स्वास्थ्य और विश्वास के अनुसार फैसला ले. अगर वह शारीरिक रूप से ठीक महसूस कर रही है और श्रद्धा से व्रत रखना चाहती है, तो रख सकती है. वहीं अगर शरीर साथ नहीं दे रहा, तो आराम करना भी उतना ही जरूरी है.

यह भी पढ़ें-मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ‘बिजनेस भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित

यह भी पढ़ें- Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने से पहले जरूर देखें रेट कार्ड

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट