शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में मेंहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हथडोल मनेरी की घोड़ामाडा जामवंती गुफा अब गुमनामी के अंधेरे से बाहर आने को तैयार है। हाल ही में जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने इस स्थल का औचक निरीक्षण कर इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की है।
सुगम होगा सफर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गुफा की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक स्थिति को देख इसे पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुफा तक पहुंचने के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्तों को दुरुस्त कर सुगम बनाया जाए। विकास कार्यों में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि गुफा की मौलिकता और प्राकृतिक स्थिति को कोई नुकसान न पहुंचे। साथ ही, पर्यटकों के लिए पेयजल और बैठक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
आस्था और श्रद्धा का संगम
जामवंती गुफा न केवल अपनी बनावट, बल्कि स्थानीय लोगों की गहरी आस्था के लिए भी प्रसिद्ध है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से यहां चैत्र नवरात्रि पर 151 कलशों के साथ जवारे स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 100 से 200 श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। स्थानीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भी इस स्थल के विकास में निरंतर सहयोग कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की राह
कलेक्टर ने गुफा से रिसने वाले जल को संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वन्य जीवों और पशु-पक्षियों की प्यास बुझ सके। इस दौरान एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो जामवंती गुफा न केवल पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के द्वार भी खोलेगी। प्रकृति की गोद में बसा यह स्थल भविष्य में जिले की पहचान बनने के लिए तैयार है।


