राकेश यादव/ खबर डिजिटल/सिवनी। जिले अंतर्गत बरघाट क्षेत्र में बाघ के बढ़ते आतंक ने एक बार फिर एक परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। धारनाकला के घने जंगलों में महुआ बीनने गए एक 32 वर्षीय आदिवासी युवक पर बाघ ने जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
महुआ बीनते समय अचानक हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम डोरली निवासी विनोद उइके (32 वर्ष) शनिवार की सुबह रोज की तरह अपने परिजनों के साथ वनोपज (महुआ) संग्रहण के लिए धारनाकला के जंगल में गया था। सीजन होने के कारण जंगल में महुआ चुनने वालों की काफी भीड़ थी। विनोद और उसके साथी जंगल के अलग-अलग हिस्सों में फैलकर महुआ बीन रहे थे। इसी बीच, घनी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक विनोद पर हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र और अप्रत्याशित था कि विनोद को बचाव या शोर मचाने तक का अवसर नहीं मिल सका।
भाई ने आंखों के सामने देखा खौफनाक मंजर
मृतक के छोटे भाई पंकज ने बताया कि वह विनोद से कुछ ही दूरी पर था, तभी उसे झाड़ियों में हलचल दिखी। जब तक वह कुछ समझ पाता, बाघ विनोद को दबोच चुका था। पंकज के चिल्लाने पर अन्य ग्रामीण और परिजन लाठी-डंडे लेकर उस ओर दौड़े, लेकिन बाघ की दहाड़ और उसकी आक्रामकता के आगे किसी की हिम्मत नहीं हुई। बाघ विनोद के क्षत-विक्षत शव को घसीटते हुए जंगल के गहरे इलाकों में ले गया। घंटों की मशक्कत और वन विभाग के पहुंचने के बाद ही शव को बरामद किया जा सका।
मुआवजा और प्रशासनिक सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर रवि प्रसाद गेडाम और एसडीओ अनिल छत्री ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शासन के नियमानुसार, मृतक के परिजनों को कुल 8 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, जिसमें से 20 हजार की तत्कालिक सहायता राशि परिजनों को सौंप दी गई है।
दो माह में चौथी घटना: बढ़ता आक्रोश
उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीनों के भीतर इस क्षेत्र में बाघ के हमले की यह चौथी बड़ी घटना है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग वन्यजीवों की मॉनिटरिंग में विफल रहा है, जिसके कारण आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बाघ को जल्द ही रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।


