मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर नया नियम लागू किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए कुछ जरूरी बदलाव सामने आए हैं. हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर कई जगह शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्ती बढ़ा दी है. अब गैस सिलेंडर लेने के लिए KYC यानी ई-केवाईसी प्रक्रिया को जरूरी कर दिया गया है.
गैस सिलेंडर लेने के लिए करना होगा ये काम
राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में देखा गया कि गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था. इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी है, उन्हें सिलेंडर मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी. वहीं जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं. जानकारी के अनुसार, जिले में हजारों सिलेंडर की डिमांड पेंडिंग चल रही थी, जबकि सप्लाई उससे काफी कम थी. ऐसे में व्यवस्था को संतुलित करने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है. फूड डिपार्टमेंट की टीमें गैस एजेंसियों पर जाकर जांच कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उपभोक्ताओं को सही तरीके से गैस मिल सके.
अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई उपभोक्ता नियमों के अनुसार सिलेंडर बुक करता है और उसकी KYC पूरी है, तो उसे 2 से 3 दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी मिल सकती है. इससे साफ है कि अब सिस्टम को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी न हो. इस बीच प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर सख्ती भी बढ़ा दी है. कई जगहों से ज्यादा पैसे वसूलने और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं. एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी एजेंसियों का निरीक्षण कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जा रही है.
सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू करने का मकसद गैस वितरण को पारदर्शी बनाना है. इससे फर्जी कनेक्शन पर रोक लगेगी और सही उपभोक्ताओं तक ही गैस पहुंच सकेगी. साथ ही, इससे ब्लैक मार्केटिंग और अनियमितताओं पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा. देशभर में गैस सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिन उपभोक्ताओं ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द से जल्द इसे पूरा कर लेना चाहिए, वरना भविष्य में सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो सकती है.
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