मध्यप्रदेश में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है. पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियां उन्हें तय जरूरत के अनुसार ईंधन उपलब्ध नहीं करा रही हैं, जिसकी वजह से कई जगह उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कुछ पेट्रोल पंपों पर तो स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति भी सामने आ चुकी है. इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट में खाद्य विभाग, तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई.
इतना पेट्रोल और डीजल लेने पर देना होगा हिसाब
बैठक में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने साफ कहा कि उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल नहीं मिल पा रहा है. इसके कारण ग्राहकों की मांग पूरी करना मुश्किल हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ तेल कंपनियों के अधिकारियों ने दावा किया कि जिले में नियमित रूप से सप्लाई की जा रही है और किसी तरह की कमी नहीं है. संचालकों ने यह भी बताया कि अगर वे ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से अधिक पेट्रोल या डीजल दे देते हैं तो कंपनियों की ओर से नोटिस जारी कर दिए जाते हैं. कंपनियों का कहना है कि पांच हजार रुपये से ज्यादा का पेट्रोल और 10 हजार रुपये से अधिक का डीजल देने पर उसका कारण दर्ज करना जरूरी होगा.
मध्यप्रदेश में हैं इतने पेट्रोल पंप
जानकारी के मुताबिक जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, एचपी समेत अन्य कंपनियों के कुल 192 पेट्रोल पंप हैं. यहां हर दिन करीब 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है. हाल ही में कटारे पेट्रोल पंप और रायसेन रोड स्थित प्रभात पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की खबर सामने आई थी. इसके बाद प्रशासन ने तत्काल बैठक बुलाकर स्थिति पर चर्चा की.
बैठक में प्रतिनिधियों ने क्या कहा
तेल कंपनियों ने बैठक में अपनी सफाई देते हुए कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, बल्कि पिछले दिनों के मुकाबले खपत करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है. अधिकारियों ने बताया कि जिन दो पंपों पर सप्लाई रोकी गई थी, उन्होंने अपने विस्फोटक लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया था. बाकी सभी पंपों पर स्थिति सामान्य है. इंडियन ऑयल के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में लगभग 180 टैंकरों के जरिए लगातार ईंधन पहुंचाया जा रहा है. इसके अलावा कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक उपयोग के लिए बड़ी मात्रा में डीजल लेने वालों को सामान्य दर पर डीजल नहीं मिलेगा. ऐसे उपभोक्ताओं को 150 रुपये प्रति लीटर की दर से बल्क डीजल उपलब्ध कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सीधे औद्योगिक इकाई या निर्माण स्थल तक सप्लाई पहुंचाई जाएगी.
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