डेस्क। देशभर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए गैस कनेक्शन नियमों में बड़े बदलाव होने वाले हैं। सरकार का उद्देश्य घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और जमाखोरी, गलत उपयोग तथा डुप्लीकेट कनेक्शन जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है। नई व्यवस्था के तहत “एक घर, एक कनेक्शन” मॉडल पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत उन घरों पर प्रभाव पड़ सकता है जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और LPG दोनों का उपयोग हो रहा है।
PNG और LPG दोनों रखने वालों पर असर
जिन घरों में पहले से सक्रिय PNG सुविधा मौजूद है, वहां घरेलू LPG कनेक्शन की समीक्षा की जा सकती है। तेल कंपनियां ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं जो दोनों सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का तर्क है कि इससे गैस वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी और उन क्षेत्रों तक LPG पहुंचाने में मदद मिलेगी जहां PNG उपलब्ध नहीं है।
कनेक्शन बंद करने के बजाय ट्रांसफर सुविधा
रिपोर्ट्स के अनुसार PNG अपनाने वाले उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने पर ट्रांसफर वाउचर जैसी सुविधा भी दी जा सकती है। इससे भविष्य में ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होने पर, जहां PNG उपलब्ध न हो, कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराया जा सकेगा।
OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम पर जोर
घरेलू गैस वितरण में पहले से OTP आधारित सत्यापन प्रणाली को कई क्षेत्रों में लागू किया जा चुका है। इसका उद्देश्य फर्जी बुकिंग और गलत डिलीवरी पर रोक लगाना है। सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त कोड का उपयोग किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
यदि आपके घर में PNG और LPG दोनों सुविधाएं मौजूद हैं, तो अपनी गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी से नियमों की स्थिति की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। नए प्रावधानों का असर शहर और सेवा क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
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