Seelan Tips: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं घरों में नमी और सीलन की समस्या भी बढ़ा देता है। कई घरों में दीवारों पर फफूंदी, पेंट का उखड़ना, कपड़ों से बदबू आना और लकड़ी के फर्नीचर का खराब होना आम बात हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर बारिश के मौसम में घर को सीलन और नमी से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
घर में हवा का आना-जाना है सबसे जरूरी
बारिश के दौरान कई लोग घर के दरवाजे और खिड़कियां लगातार बंद रखते हैं, जिससे घर के अंदर नमी जमा होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार घर में ताजी हवा का आना-जाना बेहद जरूरी है। रोजाना कुछ समय के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोलने चाहिए। किचन और बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करने से भी नमी कम होती है। जिन घरों में अधिक सीलन रहती है, वहां डिह्यूमिडिफायर का उपयोग भी फायदेमंद माना जाता है।
नमी सोखने वाले घरेलू उपाय भी हैं असरदार
घर के कोनों, अलमारियों और बंद स्थानों में अक्सर नमी जमा हो जाती है। ऐसी जगहों पर बेकिंग सोडा या सेंधा नमक रखने से नमी को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ये दोनों चीजें वातावरण की अतिरिक्त नमी को सोख लेती हैं और बदबू को भी दूर करती हैं। एक कटोरी में इन्हें भरकर अलमारी, बाथरूम या स्टोर रूम में रखा जा सकता है। हर सप्ताह इन्हें बदलना बेहतर माना जाता है।
साफ-सफाई से कम होती है फफूंदी की समस्या
मानसून के दौरान दीवारों और कोनों में फंगस तेजी से पनपने लगती है। यदि समय पर इसकी सफाई नहीं की जाए तो यह पूरे कमरे में फैल सकती है। घर की दीवारों और फर्नीचर को सप्ताह में कम से कम एक बार सूखे कपड़े से साफ करना चाहिए। जहां फफूंदी दिखाई दे, वहां विनेगर या फिनायल मिले पानी से सफाई की जा सकती है। कारपेट और पर्दों को भी समय-समय पर धूप और हवा में सुखाना जरूरी होता है।
दीवारों और खिड़कियों की दरारें बढ़ाती हैं परेशानी
बरसात के दौरान कई बार पानी दीवारों की दरारों और खिड़कियों के किनारों से घर के अंदर पहुंच जाता है। यही नमी बाद में सीलन का रूप ले लेती है। विशेषज्ञ मानसून शुरू होने से पहले दीवारों की दरारों को वाटरप्रूफ सीमेंट या पीओपी से भरवाने की सलाह देते हैं। खिड़कियों पर रबर सीलिंग टेप लगाने से भी पानी अंदर आने से रोका जा सकता है।
बार-बार सीलन हो तो करवाएं वॉटरप्रूफ कोटिंग
जिन घरों में हर साल सीलन की समस्या होती है, वहां एंटी डैम्प कोटिंग और वॉटरप्रूफ पेंट काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। बाजार में उपलब्ध ये कोटिंग कई वर्षों तक दीवारों को नमी से बचाने में मदद करती हैं। इससे पेंट खराब होने और दीवारों पर दाग बनने की समस्या भी कम हो जाती है।
घर में बनी रहे ताजगी और अच्छी खुशबू
नमी के कारण घर में बदबू भी पैदा होने लगती है। कपूर और लौंग को कमरे या अलमारी में रखने से बदबू कम होती है। इसके अलावा एरोमा डिफ्यूजर और खुशबूदार मोमबत्तियां भी उपयोगी साबित हो सकती हैं। एलोवेरा और पीस लिली जैसे इंडोर प्लांट घर की हवा को शुद्ध रखने में मदद करते हैं।
बारिश के मौसम में कुछ अतिरिक्त सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान वॉशिंग मशीन को प्लास्टिक शीट से ढंककर रखना चाहिए। बाहर से आने वाले जूते और चप्पल घर के अंदर न लाने से भी नमी कम होती है। नहाने के बाद बाथरूम को कुछ समय तक खुला छोड़ना चाहिए ताकि वहां जमा नमी आसानी से सूख सके। छोटी-छोटी सावधानियां घर को लंबे समय तक सीलन और बदबू से बचाने में मदद कर सकती हैं।
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