बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। कई बार सांप घरों, आंगन, रसोई और स्टोर रूम तक पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन जाता है। ऐसे में भोपाल वन विभाग और नगर निगम ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर सूचना देने के बाद स्नेक कैचर टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से सांपों को पकड़ती है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
मानसून के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। इसके कारण वे सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं। कई बार ये सांप घरों, दुकानों और बस्तियों में पहुंच जाते हैं। इसी वजह से बारिश के मौसम में सांप निकलने और सर्पदंश (Snake Bite) की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि कई जहरीले सांप भी आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं।
प्रजनन काल में अधिक सक्रिय रहते हैं सांप
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का मौसम सांपों के मिलन और प्रजनन का समय होता है। इस दौरान उनकी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश होने से उनके बिलों में पानी भर जाता है, जिससे वे बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं। इसके अलावा घरों में मौजूद चूहे, छिपकलियां और कीड़े-मकोड़े भी सांपों को आकर्षित करते हैं। बारिश के मौसम में कीड़ों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे छिपकलियां घरों में आती हैं और उनके पीछे सांप भी पहुंच जाते हैं।
वन विभाग और नगर निगम ने जारी किए नंबर
भोपाल वन विभाग और नगर निगम ने लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग के टोल फ्री नंबर 0755-2524000 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा स्नेक रेस्क्यू से जुड़े असलम 9826032234, साजिद अली 9589260705, सूरज मोहरे 7049022045 और मोहम्मद सलीम 9425600658 पर भी संपर्क किया जा सकता है। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंचकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करती है।
घर में सांप आने से रोकने के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने से काफी हद तक सांपों को घर में आने से रोका जा सकता है। घर के कोनों, स्टोर रूम, पलंग और दीवारों के आसपास नियमित सफाई करनी चाहिए। चूहों और छिपकलियों को नियंत्रित करने के उपाय भी जरूरी हैं। दीवारों, फर्श और जमीन में बनी दरारों को भर देना चाहिए ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिल सके। घर की छतों और खिड़कियों के आसपास पक्षियों के घोंसले बनने से भी बचाव करना चाहिए।
सर्पदंश होने पर न करें ये गलतियां
डॉक्टरों का कहना है कि सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। कई बार लोग डंसे हुए स्थान को काटने या जहर चूसने की कोशिश करते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति को शराब या अन्य पेय पदार्थ नहीं देना चाहिए। डंसे हुए हिस्से पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या बर्फ भी नहीं लगानी चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी माना जाता है।
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