मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की कोशिश उस समय विवादों में घिर गई, जब ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित होते ही पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति के बाद जारी की गई सूची पर कई नेताओं ने सवाल उठाए. विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ ही घंटों के भीतर दो नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. बढ़ते विवाद और हंगामे को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने पूरी जिला कार्यकारिणी को ही रद्द करने का फैसला लिया.
संगठन महामंत्री ने जारी किया आदेश
कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले ने पत्र जारी कर जिला कार्यकारिणी रद्द किए जाने की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि कार्यकारिणी में नियुक्तियों को लेकर कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी. लगातार सामने आ रहे विरोध और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को देखते हुए यह फैसला लिया गया, ताकि संगठन में आगे किसी तरह का विवाद न बढ़े.
सोशल मीडिया पर इस्तीफे से बढ़ा विवाद
नई कार्यकारिणी की घोषणा के तुरंत बाद दो पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. पार्टी के अंदर चल रही खींचतान सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठने लगे. लंबे इंतजार के बाद घोषित की गई कार्यकारिणी कुछ ही समय में विवादों के घेरे में आ गई.
बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
ग्वालियर कांग्रेस में मचे विवाद को लेकर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है. मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को पार्टी के मौजूदा हालात की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए. उनके मुताबिक, कांग्रेस में हर नेता अलग-अलग बात कर रहा है और संगठन पूरी तरह असमंजस की स्थिति में है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर लगातार बढ़ रही गुटबाजी कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को दिखाती है.
