भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर पाटन विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ BJP विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार पर तीखा हमला बोला है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की खराब हालत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने विभागीय व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अखबार की रिपोर्ट साझा करते हुए अजय विश्नोई ने मध्य प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे PWD ने बनाई हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, दोनों की स्थिति में कोई खास अंतर नजर नहीं आता।
जनता विधायक का कॉलर पकड़ती है
विश्नोई ने कहा कि खराब सड़कों से परेशान जनता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार को कोसती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जवाब विधायक को देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोग जनप्रतिनिधियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हैं और खराब सड़कों को लेकर उनसे जवाब मांगते हैं। वरिष्ठ विधायक ने बताया कि वे सड़कों की खराब हालत को लेकर सरकार और संबंधित विभागों को कई पत्र लिख चुके हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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शाहपुरा-पाटन क्षेत्र में बढ़ी परेशानी
अजय विश्नोई ने शाहपुरा-पाटन क्षेत्र की सड़कों और पुलों की स्थिति का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। इन रास्तों को भारी ट्रैफिक के लिए तैयार नहीं किया गया था, जिससे उन सड़कों की हालत भी लगातार खराब हो रही है।
भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप
PWD और सड़क निर्माण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अजय विश्नोई ने विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदार काम हासिल करने के लिए कम दर पर टेंडर लेते हैं। इसके बाद मुनाफे और कथित लेन-देन के बाद निर्माण कार्य में कम राशि खर्च की जाती है, जिससे सड़कें घटिया गुणवत्ता की बनती हैं और कुछ समय में ही खराब हो जाती हैं। उन्होंने ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों के बीच कथित लेन-देन की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि इस पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
हाईकोर्ट की सख्ती का किया स्वागत
सड़कों की खराब हालत को लेकर हाई कोर्ट की ओर से की गई सख्ती का जिक्र करते हुए अजय विश्नोई ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा इस मुद्दे पर संज्ञान लेने से उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि सड़क और पुल निर्माण से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाए और गुणवत्तापूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई हो।
पहले भी उठा चुके हैं सड़क का मुद्दा
यह पहली बार नहीं है जब अजय विश्नोई ने अपने ही निर्वाचन क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को लेकर सरकार और विभागों पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी वह NH-45 पर शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी और जबलपुर-पाटन सड़क चौड़ीकरण को प्राथमिकता नहीं दिए जाने का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने सड़क हादसों और आम लोगों को होने वाली परेशानी के लिए संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। अब एक बार फिर वरिष्ठ BJP विधायक के बयान ने मध्य प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता और PWD की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस तेज कर दी है।
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