भोपाल/ खबर डिजिटल/ दिल्ली और नागपुर के बीच हुई सहमति के अनुसार वसुंधरा राजे सिंधिया को BJP की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आयी है। लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम के बाद अब सोशल मीडिया पर वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम तेजी से चल रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी में कुछ भी असंभव नहीं है। भाजपा की वरिष्ठ नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी। जिसके बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों को जब से खारिज कर दिया तो अब वसुंधरा राजे सिंधिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की अटकलों को बल मिला है। हालांकि राजनीति में ऐसी उठापटक अक्सर होती रहती है।
शिवराज सिंह चौहान ने अटकलों को किया खारिज
हाल ही में मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों का कार्यभार सौंपा है। इस समय कृषि मेरे रोम-रोम में है और किसान मेरी सांसों में हैं। उन्होंने कहा कि पक्षी की आंख की तरह मेरा एक ही लक्ष्य है—कृषि उत्पादन कैसे बढ़ाएं, किसानों की आय कैसे बढ़ाएं, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कैसे करें और अधिक लखपति दीदी कैसे बनाएं।
शिवराज सिंह चौहान का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना मुश्किल
इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के रहते शिवराज सिंह चौहान का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना मुश्किल है। वहीं, भाजपा में लंबे समय से महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी चर्चाएं चल रही थीं, जिसमें अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे सिंधिया सबसे आगे मानी जा रही हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा में कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता—अब वही हो रहा है जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में निर्णय अक्सर अप्रत्याशित होते हैं, और बीते कुछ वर्षों में कई ऐसे फैसले सामने आए हैं जिनकी कल्पना तक नहीं की गई थी। इसलिए आगे क्या होगा, यह कहना अभी भी मुश्किल है।
पत्रकार आदेश रावल का कहना है – शिवराज सिंह चौहान, आडवाणी जी और अटल जी की भाजपा के आदमी हैं। वे उस दौर की भाजपा से आते हैं, जब वसुंधरा राजे सिंधिया, रमन सिंह और येदियुरप्पा जैसे नेता सक्रिय थे। इसी कारण वे आज के दौर की भाजपा में ‘आउट’ माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान अब केंद्रीय मंत्री बन गए हैं, वरना वे भी पार्टी की मुख्यधारा से बाहर हो सकते थे। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भी चाहते हैं, लेकिन संघ अपना व्यक्ति चाहता है, वहीं मोदी जी और अमित शाह अपना। इसी कारण इस पद को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।
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