P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशरोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की उन्नत तकनीक लेकर भोपाल पहुँचा ‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’

रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की उन्नत तकनीक लेकर भोपाल पहुँचा ‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’

• Xi Experience Centre, अमेरिका स्थित इंट्यूटिव द्वारा संचालित एक mobile robotic-assisted surgery इकाई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और आम जनता को रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी, इसकी विशेषताओं और क्लिनिकल उपयोगों से परिचित कराना है।
• भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान, इसने रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया, जिससे स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को इसके क्लिनिकल लाभ और उपयोग को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।

भोपाल : सर्जिकल केयर में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए Apollo Sage hospital ने इंट्यूटिव (Intuitive) के साथ मिलकर भोपाल में ‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’ का आयोजन किया। यह एक मोबाइल रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी सेंटर है, जिसका उद्देश्य मध्य भारत की बदलती स्वास्थ्य जरूरतों के संदर्भ में स्वास्थ्यकर्मियों और आम जनता को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी (RAS-Robotic-Assisted Surgery) के लाभ और संभावनाओं से जागरूक करना है।

इस पहल के बारे में बात करते हुए, अपोलो सेज अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश अग्रवाल ने कहा, “चूंकि भोपाल एक उच्च-प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य सेवा शहर के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, ऐसे में चिकित्सा संस्थानों और तकनीकी साझेदारों के बीच सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि नवाचार सीधे मरीजों तक बेहतर नतीजों के रूप में पहुंचे। यह पहल रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की गहन समझ बढ़ाने, उसके अपनाने को प्रोत्साहित करने और एक तकनीक-तैयार स्वास्थ्य समुदाय बनाने की दिशा में अहम कदम है।”

अपोलो सेज अस्पताल के सीईओ धनंजय कुमार ने कहा, “सर्जनों के बीच विश्वास पैदा करने और रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की व्यापक स्वीकृति के लिए प्रत्यक्ष अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। भोपाल में इस केंद्र की स्थापना, मरीज़ों के लिए विश्वस्तरीय देखभाल को और बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय सर्जिकल विशेषज्ञता को मज़बूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

अपोलो सेज अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपा वालिया लोकवानी ने कहा, “भोपाल में स्त्री रोग संबंधी कैंसर, एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सुरक्षित और कम इनवेसिव सर्जिकल विकल्पों की जरूरत है। डा विंची जैसे उन्नत सिस्टम की मदद से रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी हमें छोटे चीरे के जरिए सटीक सर्जरी करने का मौका देती है, जिससे महिलाओं को तेजी से स्वस्थ होने और अपनी दिनचर्या में लौटने में मदद मिलती है।”

‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’ प्रतिभागियों को डा विंची सिस्टम की अहम विशेषताओं से अवगत कराता है, जैसे मल्टी-क्वाड्रंट एक्सेस, रियल-टाइम इमेजिंग और एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन, जिनसे सर्जन जटिल सॉफ्ट टिश्यू प्रक्रियाएं आसानी से कर सकते हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म टियर-2 और टियर-3 शहरों के सर्जनों को आधुनिक रोबोटिक तकनीक से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे नवाचार और व्यापक क्लिनिकल उपयोग के बीच की खाई को पाटने में मदद मिलती है।

अपोलो सेज अस्पताल, भोपाल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. नंद किशोर अरविंद ने कहा, “जैसे-जैसे रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी का उपयोग बढ़ रहा है, यह जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को इस तकनीक को समझने और प्रत्यक्ष रूप से उपयोग करने का अवसर मिले। ‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’ जैसे प्लेटफॉर्म इस दिशा में अहम हैं, क्योंकि ये सर्जनों को मिनिमली इनवेसिव केयर के नवीनतम नवाचारों से अवगत कराते हैं।”
वर्तमान में भारत में 1500 से अधिक सर्जन डा विंची रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तकनीक पर प्रशिक्षित हैं और 200 से अधिक डा विंची सिस्टम देशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें एम्स, जेआईपीएमईआर और कई राज्य सरकार के अस्पताल शामिल हैं। शुरुआत में इसका विस्तार महानगरों तक सीमित था, लेकिन अब यह तकनीक भोपाल जैसे गैर-महानगरों तक भी पहुंच रही है, जहां मजबूत संस्थागत ढांचा और कुशल मेडिकल प्रोफेशनल्स इसके प्रभावी उपयोग को संभव बना रहे हैं।

डॉ. नंद किशोर ने आगे कहा, “सर्जरी का भविष्य सटीकता-आधारित और मिनिमली इनवेसिव उपचार को ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंचाना है—सिर्फ महानगरों तक नहीं, बल्कि भोपाल जैसे शहरों में भी। एक मजबूत ट्रेनिंग इकोसिस्टम, सर्जनों की भागीदारी और जनता में बढ़ती जागरूकता के साथ, रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, स्त्री रोग, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बेहतर नतीजे दे सकती है और मरीजों को तेजी से स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकती है।”

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट