Monday, November 2, 2026
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Jammu Flood News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कृषि मंत्री ने किया दौरा, किसानों के लिए की बड़ी घोषणा…

Shivraj Singh Chouhan Jammu Visit

Jammu Flood News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शनिवार को दौरा किया। जम्मू के बडयाल ब्राह्मण गांव में बाढ़ प्रभावित किसानों से मिले, धान की नष्ट हुई फसलों को देखा और खेतों में रेत जमने की समस्या को लेकर किसानों और अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद कृषि मंत्री ने किसानों के लिये राहत की घोषणा की।

Shivraj Singh Chouhan ने कहा – केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से इस आपदा से किसानों को निकालकर ले जाएगी।

होम मिनिस्ट्री, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि सहित सभी विभागों की टीम आई है। इन्होंने सर्वे किया है, वो अपनी रिपोर्ट देगी। नुकसान का आकलन चल रहा है। राज्य सरकार का ज्ञापन आएगा, इसके बाद हम राहत देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

कुछ काम ऐसे हैं, जो राज्य सरकार को करना है, हम आपदा में कोई राजनीति नहीं करेंगे। पहला काम है, गरीबों को संकट से बाहर करना। रेत के मामले में राज्य के स्तर पर फैसला कर लेना चाहिए कि जिसका खेत, उसकी रेत। रेत बची है, तो वो ही दे दो, यहाँ माइनिंग के नियम लागू न हों।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिसका खेत उसकी रेत, किसान अपने-अपने खेतों की रेत बेचे, ये व्यवस्था करना चाहिए। एनडीआरएफ के अंतर्गत जो प्रावधान हैं, उनको हम लागू करेंगे। राज्य सरकार को केंद्र सरकार राशि देती है, जिसमें 75% हिस्सा केंद्र और 25% राज्य सरकार का होता है।

आपदा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार के पास लगभग 2499 करोड़ रुपये हैं, उसका उपयोग सरकार करेगी। इसके अलावा जो जरूरत होगी, केंद्र सरकार उसके लिए सहायता करेगी।

एनडीआरएफ के तहत भगवान न करे, लेकिन कोई जान यदि चली जाए, तो 4 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, विकलांग होने पर 74 हजार रुपये की राशि दी जाती है। गाद निकालना हो, 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है। पहाड़ खिसकने से निक्सन होने पर सीमांत किसानों को 47 हजार रुपये देने का प्रावधान है।

मिर्च और धान जैसी फसल का नुकसान हुआ है, बीमित किसानों के नुकसान की पूरी भरपाई करने की कोशिश करेंगे। राहत की राशि के अलावा हम फसल बीमा योजना की राशि देंगे।

सब्जी और बागवानी फसल के लिए सिंचित क्षेत्र में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है, कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है। ये राशि राज्य सरकार के द्वारा बँटना है।

दुधारू पशु के नुकसान पर 37500 रुपये, घोड़ा और बैल के नुकसान पर 32 हजार रुपये, बछड़ा, टट्टू और खच्चर के नुकसान के लिए 20 हजार रुपये का प्रावधान है।

नहर क्षतिग्रस्त हैं, बांध के लिए भी राज्य सरकार केंद्र सरकार से बात करे। कई जगह मकान टूट गए हैं। 1 लाख 30 हजार रुपये प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए दिए जाएंगे। टॉइलेट के अलग और मनरेगा की मजदूरी के लिए 40 हजार रुपये मेरा ग्रामीण विकास विभाग देगा। 5,101 मकान की जानकारी आई है, मैं यहाँ से जाते ही इनकी स्वीकृति दे दूंगा।

सेल्फ हेल्प ग्रुप का काम यहाँ बहुत अच्छा है। यहाँ बहनों को नुकसान हुआ होगा। हम उसके लिए 76 हजार रुपये की राशि जारी करेंगे। सड़कों के लिए भी राज्य सरकार ज्ञापन देगी, जिस पर उसकी व्यवस्था हम करेंगे। मनरेगा की मजदूरी 100 दिन की होती है, हम राज्य सरकार से अनुरोध करेंगे, 150 दिन की मजदूरी दी जाए।

सीमा पर रहने वाले कई किसान जो खेती तो कर रहे हैं, लेकिन उनका स्वामित्व नहीं है। राज्य सरकार प्रमाणित कर के दे दें, इतना करने से मैं उन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पात्र बना दूंगा। पीएम किसान सम्मान निधि की एक किश्त हम तुरंत जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में हम डालेंगे।

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