ग्रेटर नोएडा। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (BIMTECH) स्थित अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) ने भूटान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की। इस दौरे का उद्देश्य भारत और भूटान के बीच सीमा-पार नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना था।
भूटान सरकार के रोजगार और उद्यमिता विभाग की महानिदेशक कुन्ज़ांग ल्हामू के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने AIC-बिमटेक के विभिन्न इनक्यूबेशन कार्यक्रमों — खोज, प्रारंभ, गुरुकुल और उड़ान — में गहरी रुचि दिखाई। दौरे के दौरान दीर्घकालिक मेंटरशिप, विशिष्ट क्षेत्रों में सहयोग, और भारत के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ संयुक्त पहलों की संभावनाओं पर विचार किया गया।
भारत के स्टार्टअप मॉडल से प्रेरणा ले रहा भूटान
भूटान ने भारत के तेजी से उभरते स्टार्टअप ईकोसिस्टम, विशेषकर ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘समृद्ध योजना’ जैसे नवाचार-प्रेरित मॉडलों से सीखने की इच्छा जताई। भूटानी प्रतिनिधियों ने अपने देश में नीति सुधारों, फंडिंग, मेंटरशिप और इंडस्ट्री सहयोग पर केंद्रित स्टार्टअप संस्कृति के विकास की दिशा में ठोस प्रयास करने की बात कही।
स्थायी सहयोग की ओर कदम
BIMTECH की निदेशक डॉ. प्रवीणा राजीव ने इस पहल को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “यह दौरा दोनों देशों के साझा विज़न को दर्शाता है – ऐसे उद्यमशील ईकोसिस्टम का निर्माण जो सीमाओं के परे भी सशक्त रूप से कार्य कर सके।”
उन्होंने यह भी आशा जताई कि यह सहयोग भूटान को एक प्रभावी और जीवंत स्टार्टअप ईकोसिस्टम खड़ा करने में मदद करेगा।
फॉलो-अप योजना तैयार
इस दौरे के बाद आगामी 6 से 12 महीनों के भीतर फॉलो-अप कार्ययोजना बनाई गई है, जिसमें स्टार्टअप विकास, नीति समर्थन, और स्थानीय टैलेंट को प्रोत्साहन देने जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। योजना में भूटान में इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना भी शामिल है।
BIMTECH और AIC की भूमिका
AIC-बिमटेक, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्थापित एक अग्रणी बिजनेस इनक्यूबेटर है, जिसका उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। BIMTECH अपने संस्थापकों — स्व. बसंत कुमार बिरला और सरला बिरला — के विज़न को आगे बढ़ाते हुए प्रबंधन शिक्षा में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
संस्थान AACSB से मान्यता प्राप्त है, और इसके 8000+ पूर्व छात्रों का वैश्विक नेटवर्क इसे शीर्ष वैश्विक बी-स्कूल्स की श्रेणी में स्थापित करता है।
भारत-भूटान के बीच यह सहयोग न केवल स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती देगा, बल्कि दक्षिण एशिया में सीमा-पार नवाचार की नई इबारत भी लिखेगा।


