मुंबई : भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक अपने नए कैंपेन ‘दिल से ओपन– असली केवाईसी’ के साथ ब्रांड स्टोरीटेलिंग में एक नया मानक स्थापित कर रहा है। यह केवल एक ब्रांड पहल नहीं है, बल्कि बैंक के भीतर एक सांस्कृतिक बदलाव का संकेत भी है, जो कर्मचारियों को प्रतिक्रियात्मक सेवा से आगे बढ़कर सक्रिय जुड़ाव की दिशा में प्रेरित करता है और गहरे रिश्तों के माध्यम से निरंतर उत्कृष्टता और वैल्यू निर्माण को बढ़ावा देता है। इस बदलाव को पांच प्रभावशाली फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिनमें दिखाया गया है कि ग्राहक की गहरी समझ और सक्रिय पहल कैसे “अपने ग्राहक को वास्तव में जानने” के अर्थ को नए तरीके से परिभाषित कर सकती है।
यह कैंपेन दिल से ओपन यात्रा का विस्तार है, जो गर्मजोशी, सहानुभूति, दयालुता, सकारात्मकता और खुलेपन जैसे मूल्यों पर आधारित एक ब्रांड दर्शन है। 2018 से, एक्सिस बैंक ने इन गुणों को अपनी मुख्य ताकत के रूप में पहचाना है। यही मूल्य कर्मचारियों को लगातार अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर काम करने और ग्राहकों के साथ गहरे संबंध बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। हर आगंतुक को बैठने के लिए स्थान देना, सुरक्षा गार्ड का मुस्कान के साथ ग्राहकों का स्वागत करना, और बैंकरों का ग्राहकों की बातों को ध्यान से सुनना—‘दिल से ओपन’ हमेशा से इस बात का प्रतीक रहा है कि किस तरह ह्यूमन वैल्यू बैंकिंग एक्सपीरियंस को आकार देते हैं।
हालांकि ‘दिल से ओपन’ ने एक्सिस बैंक को भीड़भाड़ वाले बैंकिंग और वित्तीय सेवा (बीएफएसआई) क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाने में मदद की है, लेकिन अब अगले चरण में ग्राहक-केंद्रित होने में अधिक सक्रियता जोड़ने की जरूरत है। जैसे-जैसे बैंक अपने भविष्य के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, यह स्पष्ट है कि अपनी स्थापित सोच के साथ अधिक प्रभावी पहल को जोड़ना जरूरी है। ‘दिल से ओपन – असली केवाईसी’ इस रचनात्मक परिवर्तन को साकार करता है, जो भविष्य के लिए एक्सिस बैंक की तैयारी को दर्शाता है और ब्रांड के विकसित होते दर्शन की नींव रखता है।
केवाईसी लंबे समय से जिम्मेदार बैंकिंग की आधारशिला रहा है, जो लाखों ग्राहकों के लिए भरोसा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। असली केवाईसी कैंपेन, जिसे एक्सिस बैंक और उसकी क्रिएटिव एजेंसी लोवे लिंटास ने मिलकर तैयार किया है, इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को एक कहानी कहने के मंच में बदल देता है, जो बैंकिंग के मानवीय पहलू को सामने लाता है।
इन पांच फिल्मों में केवाईसी केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह जाता, बल्कि सार्थक संबंध बनाने का माध्यम बन जाता है। इन कहानियों में बैंकर ग्राहकों की अनकही इच्छाओं और आकांक्षाओं को समझने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करते हैं और उन्हें उपयुक्त समाधान से जोड़ते हैं।
अनुपालन और रचनात्मकता के इस संगम के माध्यम से एक्सिस बैंक का असली केवाईसी कैंपेन यह दिखाता है कि रोजमर्रा की प्रक्रियाएं भी यादगार कहानियों का कारण बन सकती हैं—जहां सहानुभूति, समझ और प्रामाणिकता व्यवसाय और ब्रांड दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा, “असली केवाईसी, ग्राहक-केंद्रितता के प्रति एक्सिस बैंक की अटूट प्रतिबद्धता और बैंकिंग के भविष्य के प्रति हमारे दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। अपनी टीमों को ग्राहकों की जरूरतों को सक्रिय रूप से समझने और पहले से अनुमान लगाने के लिए सशक्त बनाकर हम केवल लेन-देन से आगे बढ़कर स्थायी मूल्य और सार्थक प्रगति का निर्माण कर रहे हैं। यह अभियान विश्वास बनाने, समावेशन को बढ़ावा देने और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के बारे में है, क्योंकि हम भारत के विकसित होते वित्तीय परिदृश्य को आकार देने में योगदान दे रहे हैं।”
कैंपेन पर एक्सिस बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अनूप मनोहर ने कहा, “एक्सिस बैंक में असली केवाईसी इस विश्वास को दर्शाता है कि ग्राहकों को वास्तव में समझना केवल जानकारी से नहीं, बल्कि अवलोकन, सहानुभूति और सच्चे इरादे से संभव होता है। हर फिल्म एक सरल सच्चाई को सामने लाती है—जब बैंकर अपने ग्राहकों को सच में समझने के लिए सक्रिय प्रयास करते हैं, तो समाधान अपने आप अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बन जाते हैं। यह अभियान हमारी ‘दिल से ओपन’ यात्रा को आगे बढ़ाता है और दिखाता है कि इनसाइट आधारित रिश्ते किस तरह ग्राहकों और बैंक दोनों के लिए दीर्घकालिक मूल्य पैदा कर सकते हैं।”
पांच फिल्में, पांच अनोखी कहानियां
असली केवाईसी कैंपेन पांच अलग-अलग कहानियों के जरिये जीवंत हो उठता है; इनमें से हर कहानी इस बात का एक अनोखा पहलू दिखाती है कि अपने ग्राहक को सचमुच जानने का क्या मतलब है।:
- जोखिम और फायदा: इस फिल्म में एक बैंकर एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर की दुनिया को समझने की कोशिश करता है और उसके पेशे से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए समाधान सुझाता है। इसमें एक्सिस बैंक का वेतन बचत खाता दिखाया गया है, जिसमें 30 लाख रुपये का हेल्थ कवर और 15 लाख रुपये का एक्सीडेंट इंश्योरेंस शामिल है।
लिंक: https://youtu.be/No_zvdwj-kc?si=ux5qzaalFhioR3Pd
- सहानुभूति की भाषा: दूसरी कहानी में एक बैंकर एक बुजुर्ग ग्राहक से बेहतर संवाद करने के लिए संस्कृत सीखता है। यह दिखाता है कि जब बैंकर्स ग्राहकों की भाषा और भावनाओं को समझते हैं तो भरोसा और मजबूत होता है। इसमें बैंक का सिल्वर लाइनिंग्स प्रोग्राम दिखाया गया है, जो फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक ब्याज और अपोलो फार्मेसी में स्वास्थ्य सेवाओं पर छूट प्रदान करता है।
लिंक: https://youtu.be/Vsf2Fxs3AOo?si=a7PWTp6rm4iSyv36
- रिसर्च-आधारित विस्तार: इस कहानी में एक बैंकर एक लोकप्रिय रेस्तरां के आसपास का अध्ययन करता है और समझता है कि जगह की कमी के कारण संभावित मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इसके आधार पर वह व्यवसाय विस्तार के लिए समाधान सुझाता है, जिसमें मर्चेंट कैश एडवांस के तहत बिना कुछ गिरवी रखे का लोन शामिल है।
लिंक: https://youtu.be/ewDV6LPJl3Y?si=z7Rd3iE5RHYTSZYF
- जेन जी इनसाइट: एक अन्य फिल्म में एक बैंकर ऑनलाइन रिसर्च के माध्यम से जेन जी की पसंद और जरूरतों को समझता है और एक युवा फैशन डिज़ाइनर के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए एक्सिस बैंक की ट्रेड एंड फॉरेक्स सेवाओं की सिफारिश करता है।
लिंक: https://youtu.be/Oq69NHaZGrs?si=fHNihOWI6tbQdlGj
- रणनीतिक सहायता: एक अलग कहानी में एक बैंकर एक डेंटिस्ट की पेशेवर जरूरतों का गहराई से अध्ययन करता है और उसे नया क्लिनिक स्पेस खरीदने के लिए बैंक के विशेष समाधान प्रदान करता है। इसमें मेडिकल इक्विपमेंट लोन को दर्शाया गया है।
लिंक: https://youtu.be/JKI_zk6YQyU?si=Dm2l-oGBFeOYwphK
कपिल बत्रा, प्रेसिडेंट (क्रिएटिव), टीबीडब्ल्यूए\लिंटास ने कहा: “असली केवाईसी का मतलब है कागजों पर ग्राहक को जानने से आगे बढ़कर उनके जीवन, जरूरतों और इरादों को वास्तव में समझना। जब कोई बैंक अपने ग्राहक को सच में समझता है, तो वह इंतजार नहीं करता—वह जरूरतों का अनुमान लगाकर कार्रवाई करता है। यही बदलाव यह कैंपेन दर्शाता है।”


