मुंबई : भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के लिए अपने मजबूत वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 4.5% बढ़कर ₹5,055 करोड़ हो गया है। निरंतर ऋण वृद्धि और स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता के दम पर बैंक ने नौ महीने की अवधि (9MFY26) के लिए कुल ₹14,405 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
मजबूत आय और बेहतर मार्जिन तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) ₹11,800 करोड़ रही, जबकि गैर-ब्याज आय में 5.9% की वृद्धि देखी गई। बैंक का वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 2.79% रहा, जो प्रतिस्पर्धी बाजार में बैंक की बेहतर लाभप्रदता को दर्शाता है। साथ ही, संपत्ति पर रिटर्न (ROA) भी 1.09% के स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है।
रिटेल लोन और जमा में दोहरे अंकों की वृद्धि बैंक के व्यावसायिक प्रदर्शन में रिटेल सेगमेंट ने मुख्य भूमिका निभाई है:
- अग्रिम (Advances): वैश्विक अग्रिम सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹13,44,904 करोड़ हो गए। घरेलू मोर्चे पर मॉर्टगेज लोन (21%) और ऑटो लोन (17.4%) में सबसे तेज वृद्धि देखी गई।
- जमा (Deposits): वैश्विक जमा 10.3% बढ़कर ₹15,46,749 करोड़ तक पहुँच गई। घरेलू कासा (CASA) जमा में भी 8.6% की संतोषजनक वृद्धि दर्ज की गई है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार बैंक ने अपने फंसे हुए कर्जों (Bad Loans) के प्रबंधन में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। सकल एनपीए (Gross NPA) अनुपात पिछले वर्ष के 2.43% से घटकर अब 2.04% पर आ गया है, जबकि शुद्ध एनपीए (Net NPA) मात्र 0.57% रह गया है। यह सुधार बैंक की अनुशासित क्रेडिट नीति और मजबूत रिकवरी तंत्र को सिद्ध करता है।


