मुंबई : भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने मुंबई अंचल द्वारा नवी मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से ‘आत्मनिर्भरता की ओर’ थीम के तहत अपने प्रमुख किसान संवाद कार्यक्रम ‘बड़ौदा किसान पखवाड़ा’ के 8वें संस्करण का आयोजन किया। इस अवसर पर एक विशाल किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें रायगढ़ जिले के 700 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
इस पहल का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समुदायों को वित्तीय जागरूकता, वित्तीय समावेशन और नवाचार के माध्यम से सशक्त बनाना है। इस वर्ष की थीम भारत के कृषि समुदाय के लिए वित्तीय समावेशन को और मजबूत करने पर केंद्रित रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन श्री किशन नारायणराव जावले (आईएएस), जिला कलेक्टर, रायगढ़ ने किया। इस अवसर पर श्री लाल सिंह, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री राजेश मल्होत्रा, मुख्य महाप्रबंधक – ग्रामीण एवं कृषि बैंकिंग, श्री सुनील कुमार शर्मा, महाप्रबंधक एवं अंचल प्रमुख, मुंबई अंचल, तथा श्री मनीष कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय प्रबंधक, नवी मुंबई क्षेत्र सहित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्री जी. एस. हरल्या, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), श्रीमती प्रियदर्शिनी मोरे, परियोजना निदेशक, एमएसआरएलएम, रायगढ़, और श्री पांडुरंग ए. बामने, सहायक प्रबंधक, एपीईडीए ने भी सहभागिता की। वक्ताओं ने ग्रामीण विकास के लिए बैंकिंग संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर श्री लाल सिंह, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा कि बड़ौदा किसान पखवाड़ा का 8वां संस्करण किसानों को सुलभ, भरोसेमंद और त्वरित डिजिटल बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराने की बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल गोल्ड लोन और जमीनी स्तर पर संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बैंक किसानों तक आसान ऋण पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
बड़ौदा किसान पखवाड़ा, बैंक ऑफ बड़ौदा की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत किसानों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और कृषि उद्यमियों को संस्थागत ऋण, सरकारी योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग समाधान और जोखिम प्रबंधन उपायों की जानकारी दी जाती है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, औपचारिक ऋण तक पहुंच और सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने में सहायक है।
कार्यक्रम के दौरान बैंक की प्रमुख डिजिटल पेशकशों जैसे डिजिटल बड़ौदा किसान क्रेडिट कार्ड (आरबीआईएच के साथ एकीकृत डिजिटल भूमि अभिलेखों पर आधारित) और डिजिटल गोल्ड लोन का भी प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे किसानों को तेज, सरल और सुविधाजनक ऋण सुविधा मिल सके।
इस अवसर पर डिजिटल बैंकिंग और साइबर धोखाधड़ी से बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। बैंक का मानना है कि ऐसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित डिजिटल वित्तीय सेवाओं को अपनाने में मदद करती हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा के अनुसार, 30 सितंबर 2025 तक कृषि क्षेत्र को दिया गया कुल ऋण ₹1,69,703 करोड़ रहा, जिसमें वर्ष-दर-वर्ष 17.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैंक ग्रामीण भारत में मजबूत डिजिटल बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।


