मुंबई : एशिया की पहली सूचीबद्ध डिपॉजिटरी, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) ने मुंबई में अपनी वार्षिक संगोष्ठी के तीसरे संस्करण “रीइमैजिन: सिक्योरिटीज मार्केट थ्रू डेटा सिनर्जी” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में सेबी अध्यक्ष, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भविष्य के लिए तैयार प्रतिभूति बाजार के निर्माण में ‘डेटा’ की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। 17.5 करोड़ से अधिक डीमैट खातों का प्रबंधन करने वाली संस्था सीडीएसएल ने इस मंच के जरिए तकनीक और निवेशक सुरक्षा के बीच एक नया सेतु बनाने का प्रयास किया है।
डेटा: पूंजी बाजार की नई ‘अदृश्य पाइपलाइन’ संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि और सेबी अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय ने डेटा को आधुनिक बाजार की नई आधारशिला बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि जैसे बाजार अवसंरचना में स्टॉक एक्सचेंज और डिपॉजिटरी आवश्यक हैं, वैसे ही अब डेटा एक ऐसी ‘अदृश्य लेकिन शक्तिशाली पाइपलाइन’ बन चुका है जो तरलता और पूंजी के प्रवाह को दिशा देता है। उन्होंने डेटा की गुणवत्ता, सुरक्षा और एक मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर बल दिया, जो निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
नवाचार की नई पहल: एआई पैनलिस्ट और आइडियाथॉन संगोष्ठी में तकनीकी नवाचार का एक अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब पहली बार एक एआई-आधारित पैनलिस्ट ने मानवीय विशेषज्ञों के साथ चर्चा में भाग लिया। इस एआई पैनलिस्ट ने रियल-टाइम डेटा विश्लेषण प्रस्तुत कर बाजार बुद्धिमत्ता में कृत्रिम मेधा की बढ़ती भूमिका को सिद्ध किया। इसके अतिरिक्त, ‘रीइमैजिन आइडियाथॉन 2026’ के माध्यम से देश भर के छात्रों को निवेशक शिक्षा के नए मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता में गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की टीम ने ₹5 लाख का प्रथम पुरस्कार जीता।
अमर चित्र कथा के माध्यम से निवेशक जागरूकता निवेशकों को जागरूक करने के लिए एक रचनात्मक पहल करते हुए सेबी अध्यक्ष ने सीडीएसएल इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड की ‘अमर चित्र कथा’ कॉमिक सीरीज का शुभारंभ किया। 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध यह सीरीज जटिल वित्तीय विषयों को कहानियों के माध्यम से सरल बनाती है। सीडीएसएल के एमडी एवं सीईओ श्री नेहल वोरा ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल होते बाजार में डेटा का जिम्मेदार उपयोग ही समावेशी और सुदृढ़ प्रतिभूति बाजार की नींव रखेगा।


